धीमी रफ्तार से पानी, टूटी सड़कें और सुविधाओं की कमी; वार्डवासियों ने कहा-समस्याओं पर समय रहते हो ध्यान
दादाबाड़ी के बसंत विहार में दो समय जलापूर्ति, कम प्रेशर से परेशान लोग, मोटर का लेना पड़ता है सहारा
कोटा। वार्ड क्षेत्र में विकास कार्य तो हुए हैं, लेकिन रोजमर्रा की छोटी-छोटी समस्याएं अब भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। कहीं सड़कें क्षतिग्रस्त हैं तो कहीं धीमी गति से आने वाला पानी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। कुछ क्षेत्रों में नालियों का निर्माण नहीं होने से जल निकासी की समस्या बनी रहती है, वहीं पार्क और सामुदायिक भवन जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी कई जगह अभाव है। दादाबाड़ी के बसंत विहार क्षेत्र में पानी की समस्या लोगों के लिए प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में दिन में दो बार पानी की सप्लाई तो होती है, लेकिन पानी का प्रेशर इतना कम रहता है कि घरों में पर्याप्त पानी पहुंचाने के लिए मोटर का सहारा लेना पड़ता है। लोगों का कहना है कि जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार और पानी का प्रेशर बढ़ाने की जरूरत है, ताकि आमजन को रोजाना की जरूरत के लिए परेशान नहीं होना पड़े।
क्षतिग्रस्त सड़कें व नालिया बढ़ा रही परेशानी
वार्ड क्षेत्र के कई स्थानों पर सड़कों की हालत भी चिंता का विषय है। क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी होती है। बरसात के दिनों में सड़कें और अधिक खराब हो जाती हैं तथा गड्ढों में पानी भरने से हादसे की आशंका भी बनी रहती है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि क्षतिग्रस्त सड़कों की समय पर मरम्मत करवाई जाए। इसी प्रकार कुछ इलाकों में नालियों का निर्माण नहीं होने से जल निकासी की समस्या सामने आती है। बारिश के दौरान यह परेशानी और बढ़ जाती है। वहीं, कई स्थानों पर समय-समय पर सफाई नहीं होने की शिकायत भी स्थानीय लोगों ने की है। उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था नियमित और प्रभावी रहे तो क्षेत्र की कई समस्याएं अपने आप कम हो सकती हैं।
पार्क और सामुदायिक भवन की भी कमी
पार्क और सामुदायिक भवन की कमी भी लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों में शामिल है। कई क्षेत्रों में बच्चों और बुजुर्गों के लिए पर्याप्त सार्वजनिक स्थान उपलब्ध नहीं हैं। लोगों का कहना है कि पार्कों के विकास और सामुदायिक भवनों के निर्माण से क्षेत्रवासियों को सुविधा मिलेगी और सामाजिक गतिविधियों के लिए भी उचित स्थान उपलब्ध हो सकेगा।
समाधान में लग जाता है समय, लेकिन कोशिश जारी
वार्डवासियों ने जनप्रतिनिधियों के प्रति पूरी तरह नाराजगी भी व्यक्त नहीं की है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि समस्याओं के समाधान में कभी-कभी अपेक्षा से अधिक समय लेते हैं, लेकिन समस्याओं को हल करने के लिए प्रयास जरूर करते हैं। स्थानीय निवासियों का मानना है कि यदि वार्ड की छोटी समस्याओं पर समय-समय पर ध्यान दिया जाए और संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय किया जाए तो क्षेत्र की अधिकांश परेशानियों का आसानी से समाधान हो सकता है।क्षेत्र में समस्याएं ज्यादा बड़ी नहीं हैं। जरूरत सिर्फ इतनी है कि जिम्मेदार लोग समय रहते उन पर ध्यान दें और समाधान की प्रक्रिया में तेजी लाएं। लोगों का कहना है कि नियमित निगरानी, जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और विभागों की जवाबदेही से वार्ड की तस्वीर और बेहतर बनाई जा सकती है।
पूर्व पार्षदपीडी गुप्ता
पहले वार्ड में सड़क और नालियों की स्थिति बेहद खराब थी। मेरे कार्यकाल में सड़कों और नालियों का निर्माण करवाया गया तथा पार्क विकसित किया गया। मुक्तिधाम का जीर्णोद्धार भी कराया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में धीमी गति से पानी आने की समस्या है, जिसके समाधान के लिए जल्द पानी की टंकी का निर्माण कराया जाएगा।
पूर्व पार्षद प्रतिभा गौतम
मेरे कार्यकाल में सफाई और सड़कों की व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। वार्डवासियों की सुविधाओं के लिए सामुदायिक भवन का निर्माण भी करवाया गया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों की किसी भी समस्या की सूचना मिलने पर उसी दिन समाधान का प्रयास किया जाता था, ताकि लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
पूर्व पार्षद जितेंद्र सिंह
वार्ड में सुलभ शौचालय और पार्क का निर्माण कराया गया। क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही राशन की दुकान की समस्या का समाधान कर दुकान खुलवाई गई। इसके साथ ही वार्ड की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि लोगों को स्वच्छ वातावरण मिल सके।
वार्डवासी पूजा विजय
क्षेत्र में पानी की समस्या सबसे गंभीर है। पानी धीमी गति से आता है और दिन में केवल दो बार आपूर्ति होती है। इसके अलावा सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। जगह-जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, लेकिन उनकी समय पर मरम्मत नहीं होने से क्षेत्रवासियों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वार्डवार क्षेत्र विवरण
वार्ड नंबर 50: संपूर्ण श्रीनाथपुरम क्षेत्र, स्टेडियम, जीएडी क्वार्टर, श्रीनाथपुरम ई एवं सी, श्रीनाथपुरम बी, हजीरा बस्ती, श्याम नगर, तिलमसंघ, श्रीनाथपुरम डी, अकेलगढ़ तथा आरटीओ क्षेत्र शामिल हैं।
वार्ड नंबर 83: आशापाला कॉलोनी, शक्ति नगर, कुत्ताखाना, दशहरा मैदान क्षेत्र, प्रताप नगर, किशोरपुरा का आंशिक भाग, जिला परिषद कार्यालय, कोटा विकास प्राधिकरण, अभय कमांड सेंटर, दुर्गा बस्ती, सीएडी कॉलोनी, आईएमटीआई तथा इनकम टैक्स कॉलोनी क्षेत्र शामिल हैं।
वार्ड नंबर 84: संपूर्ण शास्त्री नगर एवं दादाबाड़ी क्षेत्र शामिल है।
वार्ड नंबर 85: दादाबाड़ी सेक्टर 1 एवं 2 तथा सेक्टर 3 एवं 4 का संपूर्ण क्षेत्र, साथ ही पी एंड टी कॉलोनी शामिल है।
वार्ड नंबर 86: हनुमान नगर, हनुमान नगर कच्ची बस्ती तथा आरएसी कैंपस क्षेत्र शामिल है।
वार्ड नंबर 88: महावीर नगर विस्तार सेक्टर-3 तथा संतोषी नगर नाले के पूर्व दिशा का क्षेत्र शामिल है।

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