ईरान ने यूरोपीय संघ के सदस्य देशों की सेनाओं को किया आतंकवादी संगठन घोषित : सरकार ने कानून के तहत की जवाबी कार्रवाई, कहा- अमेरिका के फैसले का समर्थन करने वालों के खिलाफ भी होगी कार्रवाई
अंतर्राष्ट्रीय कानून के मौलिक सिद्धांतों और नियमों के विपरीत है
बयान में कहा गया है कि यूरोपीय संघ का यह फैसला संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतर्राष्ट्रीय कानून के मौलिक सिद्धांतों और नियमों के विपरीत है।
तेहरान। ईरान ने यूरोपीय संघ के सभी सदस्य देशों की नौसेनाओं और वायु सेनाओं को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह कदम यूरोपीय संघ द्वारा हाल ही में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गाड्र्स कॉप्रस (आईआरजीसी) को आतंकी संगठन घोषित करने के अवैध और अनुचित फैसले के जवाब में उठाया गया है। बयान में कहा गया है कि यूरोपीय संघ का यह फैसला संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतर्राष्ट्रीय कानून के मौलिक सिद्धांतों और नियमों के विपरीत है।
इसमें कहा गया कि ईरानी सरकार ने 2019 के एक कानून के तहत यह जवाबी कार्रवाई की है। इस कानून के अनुसार, वे सभी देश जो किसी भी तरह से आईआरजीसी को आतंकी संगठन घोषित करने के अमेरिका के फैसले का पालन या समर्थन करते हैं, उनके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। यूरोपीय संघ की परिषद ने पिछले महीने विदेश मंत्रियों के बीच हुए एक राजनीतिक समझौते के बाद गुरुवार को औपचारिक रूप से आईआरजीसी को आतंकी सूची में शामिल कर लिया था।
इस सूची में शामिल होने के बाद यूरोपीय संघ के आतंकवाद विरोधी प्रतिबंध लागू हो जाते हैं, जिसमें यूरोपीय संघ के सदस्य देशों में घोषित संगठन के धन, अन्य वित्तीय संपत्ति या आर्थिक संसाधनों को फ्रीज करना शामिल है। यूरोपीय संघ का यह कदम हाल के दिनों में पश्चिम एशिया क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच आया है, जहाँ अमेरिका अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है और ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य हमलों की बार-बार चेतावनी दे रहा है।

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