जयपुर में 15 महीनों में 1700 से ज्यादा रास्ते खुले, लाखों ग्रामीणों की राह हुई आसान
सामाजिक जीवन को सुगम बनाने का सशक्त माध्यम
जयपुर जिले में रास्ता खोलो अभियान के तहत 15 महीनों में 1700 से ज्यादा रास्ते खुले। जयपुर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल से जयपुर जिले में वर्षों से बंद पड़े 1700 से अधिक रास्ते खुलवाए गए, जिससे लाखों ग्रामीणों की खेतों, ढाणियों और गांवों तक पहुंच सुगम हुई।
जयपुर। जयपुर जिले में रास्ता खोलो अभियान के तहत 15 महीनों में 1700 से ज्यादा रास्ते खुले है। जयपुर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल से जयपुर जिले में वर्षों से बंद पड़े 1700 से अधिक रास्ते खुलवाए गए, जिससे लाखों ग्रामीणों की खेतों, ढाणियों और गांवों तक पहुंच सुगम हुई है। प्रशासन की सक्रियता और संवाद आधारित रणनीति के चलते कई वर्षों पुराने विवादों का समाधान सहमति एवं समझाइश से किया जा रहा है। अभियान के तहत फागी तहसील अव्वल रही, जहां सर्वाधिक 148 रास्ते खुलवाए गए। वहीं मौजमाबाद तहसील में 132 रास्ते खुलवाकर ग्रामीणों को बड़ी राहत प्रदान की गई।
अभियान के नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर आशीष कुमार ने बताया कि रास्ता खोलो अभियान केवल मार्ग खोलने तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन को सुगम बनाने का सशक्त माध्यम बन गया है। 15 नवम्बर, 2024 से 21 फरवरी, 2026 की अवधि में रास्ता खोलो अभियान के तहत जयपुर में कुल 1 हजार 703 रास्ते खुलवाए गए। प्रत्येक तहसील में हर सप्ताह न्यूनतम 3 रास्ते खुलवाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसी के तहत सहमति और समझाइश से गांवों, खेतों और ढाणियों के वर्षों से अवरुद्ध रास्तों को खोला जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत फागी तहसील में सर्वाधिक 148 रास्ते खुलवाए गए। इसके बाद मौजमाबाद में 132, आंधी में 119, चौमूं में 103, शाहपुरा में 100, फुलेरा एवं चाकसू में 91-91, जमवारामगढ़ में 90, आमेर एवं दूदू में 89-89, रामपुरा डाबड़ी में 85, माधोराजपुरा में 83, बस्सी में 81, जोबनेर में 79, किशनगढ़ में 75, कोटखावदा में 72, जालसू में 70, तुंगा में 57, सांगानेर में 34, कालवाड़ में 10 तथा जयपुर तहसील में 5 रास्ते खुलवाए गए।

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