भारत की विश्व विरासत-राजस्थान प्रदर्शनी का आयोजन : मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने प्रदर्शनी का किया डिजिटल उद्घाटन
राजस्थान दिवस पर प्रदेश की 22 रियासतों की विरासत की प्रदर्शनी
जवाहर कला केंद्र में रविवार को ‘भारत की विश्व विरासत: राजस्थान’ प्रदर्शनी का आयोजन। इससे पहले मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने रिमोट का बटन दबाकर प्रदर्शनी का डिजिटल उद्घाटन किया। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन प्रवीण गुप्ता मौजूद रहे।
जयपुर। जवाहर कला केंद्र में रविवार को ‘भारत की विश्व विरासत: राजस्थान’ प्रदर्शनी का आयोजन हुआ। इससे पहले मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने रिमोट का बटन दबाकर प्रदर्शनी का डिजिटल उद्घाटन किया। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन प्रवीण गुप्ता मौजूद रहे। यह प्रदर्शनी राजस्थान की यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समर्पित है। इसमें राजस्थान के पहाड़ी किले, जंतर-मंतर तथा जयपुर शहर की ऐतिहासिक विरासत को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है। साथ ही प्रदर्शनी में राजस्थान के गौरवशाली इतिहास की अमर विभूतियों रानी पद्मिनी, मीरा बाई, महाराणा प्रताप और राणा कुंभा के जीवन और योगदान को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया।
प्रदर्शनी के माध्यम से दर्शकों को राजस्थान की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और स्थापत्य धरोहर की समृद्ध परंपरा से रूबरू होने का अवसर मिला। बड़ी संख्या में कला प्रेमी, विद्यार्थी और पर्यटक इस आयोजन में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने कहा कि अभिलेखागार के पास देश के इतिहास का 400 सालों का रिकॉर्ड मौजूद है। सचिवालय में 1947 से 2025 तक का रिकॉर्ड है। इसमें से कुछ रिकॉर्ड अभिलेखागार को सौंपा गया है। यह प्रदर्शनी स्टूडेंट्स और शोधकर्ताओं को डॉक्यूमेंट हिस्ट्री के लिए अहम जानकारी प्रदान करेगी। वहीं चंपारण मूवमेंट पर आधारित 250 पेज की बुक इसकी पूरी घटना की जानकारी देगी।
वहीं एसीएस प्रवीण गुप्ता ने कहा कि राजस्थान दिवस पर प्रदेश की 22 रियासतों की विरासत की प्रदर्शनी होगी। राजस्थान में अभिलेखागार ने 1 करोड़ 80 लाख रिकॉर्ड डिजिटाईज किया है। जवाहर कला केंद्र में आयोजित प्रदर्शिंक में स्टूडेंट्स को ऑथेंटिक रिकॉर्ड मिलेगा। साथ ही डिजिटाइजेशन में एआई का उपयोग किया जा रहा है।

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