इसरो भेजेगा पीएसएलवी-सी62 मिशन : पोलर सेटेलाइट लॉन्च व्हीकल की होगी 64वीं उड़ान, यह मिशन उपग्रहों को कक्षा में करेगा स्थापित
स्पेन स्थित स्टार्टअप ऑर्बिटल डिमॉन्स्ट्रेटर द्वारा विकसित किया
यह मिशन प्राथमिक पेलोड के रूप में ईओएस-एन1 को ले जाएगा, जो रणनीतिक उद्देश्यों के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित एक अर्थ ऑब्जर्वेशन इमेजिंग सेटेलाइट है।
चेन्नई। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) 12 जनवरी को पूर्वाह्न 10:17 बजे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) के शार रेंज से पीएसएलवी-सी62 मिशन अंतरिक्ष में भेजेगा। इसरो ने एक्स पर एक पोस्ट में घोषणा की। पीएसएलवी-सी62 मिशन का प्रक्षेपण 12 जनवरी 2026 को पूर्वाह्न 10:17 बजे सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के शार रेंज से निर्धारित है। पीएसएलवी सी-62 भारत के भरोसेमंद पोलर सेटेलाइट लॉन्च व्हीकल की 64वीं उड़ान होगी।
यह मिशन प्राथमिक पेलोड के रूप में ईओएस-एन1 को ले जाएगा, जो रणनीतिक उद्देश्यों के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित एक अर्थ ऑब्जर्वेशन इमेजिंग सेटेलाइट है। ईओएस-एन1 के अलावा यह अभियान 25 किलोग्राम के फुटबॉल के आकार के एक केस्ट्रेल इनिशियल डिमॉन्स्ट्रेटर (केआईडी) को भी ले जाएगा, जिसे स्पेन स्थित स्टार्टअप ऑर्बिटल डिमॉन्स्ट्रेटर द्वारा विकसित किया गया है।
यह मिशन साथ ही लगभग 18 उपग्रहों को भी कक्षा में स्थापित करेगा, जिनका कुल वजन 200 किलोग्राम है। ये पेलोड भारत, मॉरीशस, लक्जमबर्ग, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सिंगापुर, यूरोप और अमेरिका के स्टार्टअप और अनुसंधान संस्थानों के हैं। अधिकारियों ने कहा कि पीएसएलवी-सी62/ईओएस-एन1 मिशन न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) के समर्थन से भेजे जाने वाला यह अभियान मुख्यत: अर्थ ऑब्जर्वेशन मिशन है, साथ ही इसमें भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों उपयोगकर्ताओं के कई पेलोड भी शामिल हैं।

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