चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच जापान का बड़ा कदम : 58 अरब डॉलर के रक्षा बजट को मंजूरी, हमले की क्षमता को बढ़ाना उद्देश्य

जापानी मुद्रा येन में यह राशि नौ हजार अरब येन है

चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच जापान का बड़ा कदम : 58 अरब डॉलर के रक्षा बजट को मंजूरी, हमले की क्षमता को बढ़ाना उद्देश्य

जापान ने चीन से बढ़ते क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए अब तक का सबसे बड़ा रक्षा बजट मंजूर किया है। अगले वित्तीय वर्ष में रक्षा के लिए करीब 58 अरब डॉलर (9,000 अरब येन) आवंटित किए गए हैं। बजट का बड़ा हिस्सा लंबी दूरी की मिसाइलों और ड्रोन क्षमताओं पर खर्च होगा। जापान आक्रामक रक्षा नीति की ओर बढ़ रहा है।

टोक्यो। जापान के मंत्रिमंडल ने क्षेत्रीय तनाव और चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों को देखते हुए अब तक के सबसे बड़े रक्षा बजट को अपनी मंजूरी दे दी। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए जापान सरकार ने रक्षा क्षेत्र को लगभग 58 अरब डॉलर का आवंटन किया है। जापानी मुद्रा येन में यह राशि नौ हजार अरब येन है। इस भारी भरकम बजट का मुख्य उद्देश्य जापान की जवाबी हमले की क्षमता को बढ़ाना और अत्याधुनिक मानवरहित हथियारों, ड्रोनों के जरिए तटीय सुरक्षा को पुख्ता करना है।

सरकार ने यह फैसला चीन की ओर से मिलने वाली चुनौतियों को देखते हुए लिया है। विशेष रूप से ताइवान पर चीन के संभावित हमले को लेकर जापान ने अपनी सुरक्षा नीति में बड़ा बदलाव किया है। ताइवान के मामले में जापानी सेना हस्तक्षेप कर सकती है। जापान अब अपनी रक्षा नीति को आत्मरक्षा तक सीमित रखने के पुराने सिद्धांत से हटकर आक्रामक रक्षा की ओर बढ़ रहा है।

बजट का एक बड़ा हिस्सा यानी करीब 970 अरब  येन लंबी दूरी की मिसाइलों के विकास पर खर्च किया जाएगा। इसमें 1,000 किमी रेंज वाली टाइप-12 मिसाइलें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, जनसंख्या की कमी और सेना में कम स्टाफ की चुनौती से निपटने के लिए जापान शील्ड नामक एक उन्नत प्रणाली विकसित कर रहा है। इसके तहत जल, थल और नभ में संचालित होने वाले बड़े पैमाने पर ड्रोन तैनात किए जाएंगे।

अनुमान है कि जापान का वार्षिक सैन्य खर्च 10 ट्रिलियन येन तक पहुंच जाएगा, जिससे यह अमेरिका और चीन के बाद रक्षा पर खर्च करने वाला दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन जाएगा। जापान ने अपनी जीडीपी का दो  प्रतिशत रक्षा पर खर्च करने का लक्ष्य रखा है। जापान केवल आयात पर ही नहीं, बल्कि अपने घरेलू रक्षा उद्योग को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रहा है। वह ब्रिटेन और इटली के साथ मिलकर अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान बना रहा है। साथ ही, हाल ही में ऑस्ट्रेलिया द्वारा मित्सुबिशी हैवी इंडस्ट्रीज को अपने जहाजों के अपग्रेडेशन के लिए चुनना जापानी रक्षा उद्योग के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। इस बजट प्रस्ताव को अब मार्च तक संसद की मंजूरी मिलने की उम्मीद है। सरकार इस खर्च की भरपाई के लिए कॉर्पोरेट और तंबाकू करों में बढ़ोतरी करने की योजना बना रही है।

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