केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, पेन किलर निमेसुलाइड से लेकर 100 mg से ज्यादा की टैबलेट पर लगाया बैन, जानें क्यों ?
सरकार ने हाई-डोज निमेसुलाइड पर लगाया प्रतिबंध
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। 29 दिसंबर 2025 को जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, 100 मिलीग्राम (mg) से अधिक डोज वाली निमेसुलाइड की ओरल टैबलेट्स के निर्माण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। 29 दिसंबर 2025 को जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, 100 मिलीग्राम (mg) से अधिक डोज वाली निमेसुलाइड की ओरल टैबलेट्स के निर्माण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। यह निर्णय ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड और ICMR की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है।
लीवर और किडनी के लिए गंभीर खतरा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि निमेसुलाइड का अधिक मात्रा सेवन करने से लीवर टॉक्सिसिटी (Hepatotoxicity) और किडनी को गंभीर नुकसान होने का खतरा बना रहता है। चूंकि बाजार में पैरासिटामॉल और इबुप्रोफेन जैसे अधिक सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं, इसलिए इस जोखिम भरी दवा के हाई-डोज संस्करण को प्रतिबंधित करना जनहित में आवश्यक समझा गया। गौरतलब है कि, 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए यह दवा भारत में 2011 से ही पूरी तरह प्रतिबंधित है।
वैश्विक स्तर पर स्थिति
बता दें कि निमेसुलाइड दुनिया की सबसे विवादित दवाओं में से एक रही है और अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देशों में इसे कभी मंजूरी ही नहीं दी गई। इसके साथ ही बता दें कि आयरलैंड, स्पेन और फिनलैंड जैसे यूरोपीय देशों ने लीवर डैमेज के मामलों के बाद इसे बहुत पहले ही प्रतिबंधित कर दिया था। भारत में अब केवल 100 mg या उससे कम की खुराक ही वयस्कों के लिए उपलब्ध रहेगी, वह भी कड़ी चिकित्सकीय निगरानी में। विशेषज्ञों का कहना है कि दर्द और बुखार के लिए बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेना खतरनाक हो सकता है।

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