भ्रष्टाचार के आरोपों पर उमर की खुली चुनौती : हमारे पास छिपाने को कुछ नहीं, जांच कराएं भाजपा
उनकी सरकार के पास किसी भी जांच एजेंसी का नियंत्रण नहीं
जम्मू। कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नेशनल कॉन्फ्रेंस पर भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को चुनौती दी है कि यदि उसके पास किसी गड़बड़ी के सबूत हैं तो वह अपने नियंत्रण वाली जांच एजेंसियों से मामले की जांच करा सकती है। अब्दुल्ला ने बुधवार की सुबह यहां विभिन्न हिस्सों का दौरा कर विकास परियोजनाओं का निरीक्षण करने और प्रमुख नागरिक कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने के बाद संवाददाताओं से यह बात कही। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भाजपा के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार के पास किसी भी जांच एजेंसी का नियंत्रण नहीं है और वह किसी धांधली को नहीं छिपा रहे हैं। उन्होंने कहा, अगर एक पल के लिए भी हम विश्वास कर लें कि वे जो कह रहे हैं वह सही है, तो हमारे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है।
आरोपों के आधार पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, Þमैं किसी भी जांच एजेंसी को नियंत्रित नहीं करता। मेरे पास पुलिस नहीं है, अपराध शाखा भी नहीं है और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) भी नहीं है। केंद्रीय एजेंसियों की तो बात तो बहुत दूर रही। उन्होंने कहा कि किसी भी जांच एजेंसी ने मामले में भ्रष्टाचार की बात नहीं कही है।भाजपा उन पर निराधार आरोप लगा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, मुझे बताइए कि किस एजेंसी ने कहा है कि इस मामले में भ्रष्टाचार हुआ है। केन्द्रीय एजेंसियों पर भाजपा का नियंत्रण है। आप जांच कर सकते हैं। अगर भ्रष्टाचार हुआ है तो मामला दर्ज कर सकते हैं लेकिन ये निराधार आरोप बेवजह न लगायें।
गौरतलब है कि भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई ने पिछली नियुक्तियों, भ्रष्टाचार और शासन से जुड़े मुद्दों को लेकर नेशनल कांफ्रेंस सरकार के खिलाफ 31 अगस्त को सचिवालय घेराव करने की योजना बनायी है। श्रीनगर में हाल में हुई भारी बारिश के बाद बार-बार जलभराव के सवाल पर मुख्यमंत्री ने इसे लंबे समय से चली आ रही समस्या बताया और कहा कि इसका समाधान तुरंत नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि शहर के कई हिस्सों में जलभराव कोई नई समस्या नहीं है, बल्कि वर्षों से हुए अनियोजित शहरी विस्तार और अपर्याप्त जल निकासी व्यवस्था का परिणाम है। श्रीनगर के कुछ हिस्सों में जलभराव की समस्या विरासत में मिली है। यह पिछले दो साल में पैदा नहीं हुई और न ही पिछले पांच साल में।
उन्होंने कहा कि कई आवासीय कॉलोनियां उचित जल निकासी व्यवस्था के बिना विकसित की गयी, जिससे भारी बारिश के दौरान परेशानी होती है। उन्होंने कहा, न तो आप और न ही मैं जानता हूं कि ये कॉलोनियां कहां और कैसे बनायी गयी तथा इन्हें बनाने की अनुमति किसने दी। जब कॉलोनियां बनीं, तो निर्माणकर्ताओं ने जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की। उन्होंने कहा कि सरकार ने सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर ली है और समस्या से निपटने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों उपाय किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक समस्याग्रस्त क्षेत्रों की पहचान कर ली गई है और मौसम विभाग से बारिश की चेतावनी मिलने पर आपात स्थिति में अतिरिक्त पंपों की व्यवस्था की जायेगी। आवास विभाग दीर्घकालिक जल निकासी परियोजनाओं पर पहले से काम चल रहा है और धन उपलब्ध होते ही अतिरिक्त कार्य भी शुरू किये जायेंगे। उन्होंने कहा, जैसे ही हमें धन मिलेगा, हम इन क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था करेंगे।

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