जीवन भर के लिए एक-दूजे के हुए रश्मिका-विजय : शाही अंदाज में तेलुगू रस्मों से हुई शादी, दो अलग-अलग परंपराओं का संगम
शादी के दौरान नारियल-हल्दी की रस्में भी हुईं
अभिनेता विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी दक्षिण भारतीय परंपराओं का भव्य संगम रही। अरावली की वादियों में सुबह सात फेरे और दोपहर में शादी की रस्में। केले-पत्तों से मंडप सजाया, नारियल-हल्दी की रस्में निभाई।
मुंबई। विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी एक अनोखी परंपरा का प्रतीक रही, जिसमें दक्षिण भारत की शादियों की रस्मों को बड़े धूमधाम से निभाया गया। इस खास शादी में दो अलग-अलग परंपराओं का मिलन हुआ। एक के अनुसार सुबह सात फेरे हुए, जबकि दूसरे के अनुसार दोपहर में शादी की रस्में चलीं। अरावली की वादियों में शाही शादी के दौरान नारियल-हल्दी की रस्में भी हुईं।
रश्मिका मंदाना कर्नाटक के कोडवा समुदाय से हैं और विजय देवरकोंडा तेलुगू हिंदू परिवार से ताल्लुक रखते हैं। शादी में दक्षिण भारतीय परंपराओं के अनुसार केले के पत्तों से मंडप की सजावट की गई। रश्मिका के माता-पिता ने विजय के परिवार का स्वागत केले के पत्ते, पान और श्रीफल भेंट करके किया। वहीं, विजय की मां ने रश्मिका को खानदानी चूड़ियां पहनाकर शादी में उनका स्वागत किया।

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