छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के आत्मसमर्पण का सिलसिला बरकरार : महिला नक्सली ने डाले हथियार, पुलिस के समक्ष किया सरेंडर; 8 लाख का ईनाम था घोषित
₹8 लाख की इनामी महिला नक्सली का आत्मसमर्पण
महिला नक्सली मासे बारसा ने किया एके-47 के साथ आत्मसमर्पण। 8 लाख का था इनाम। पुनर्वास नीति और समाज के सहयोग से लगातार हो रहे ये आत्मसमर्पण। मुख्यधारा की ओर लौट रहे नक्सली कैडर ।
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में दो पुरुष नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद अब एक महिला नक्सली ने बुधवार की देर रात हथियार डाल दिए हैं। जिले में लगातार जारी आत्मसमर्पण की इस कड़ी में देर रात डीवीसीएम रैंक की महिला नक्सली मासे बारसा ने पुलिस के समक्ष समर्पण कर दिया। मासे बारसा के सिर पर आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस से आज मिली जानकारी के अनुसार,मासे बारसा छिंदपदर गांव के जंगलों से निकलकर आत्मसमर्पण करने पहुंची। महिला नक्सली एक एके-47 राइफल भी बरामद की गई है। गौरतलब है कि, ठीक एक दिन पहले ही उत्तर बस्तर डिवीजन कमेटी का डीवीसीएम मल्लेश और पार्टी सदस्य रानू पोडियाम भी आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने बताया कि मासे का आत्मसमर्पण डीवीसीएम मल्लेश और रानू पोडियाम द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर संभव हो सका। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में समाज के वरिष्ठजनों और मीडिया के साथियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इलाके में सक्रिय अन्य नक्सली कैडरों से संपर्क स्थापित कर उन्हें मुख्यधारा में शामिल करने के प्रयास लगातार जारी हैं। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पट्टलिगम ने तीनों नक्सलियों के हिंसा त्यागकर मुख्यधारा में शामिल होने के फैसले का स्वागत किया है।
उन्होंने बस्तर रेंज में सक्रिय अन्य नक्सलियों से भी हिंसा का रास्ता छोड़कर शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन जीने की अपील दोहराई। पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि जो कैडर आत्मसमर्पण करेंगे, उन्हें पुनर्वास नीति के तहत सभी प्रकार की सहायता प्रदान की जाएगी। डीवीसीएम मल्लेश, रानू पोडियाम और मासे के सामाजिक पुन: एकीकरण तथा हथियारों की औपचारिक सुपुर्दगी की प्रक्रिया आगामी दिनों में पूरी की जाएगी।

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