Re-KYC नहीं होने पर DBT भुगतान में आ सकता है व्यवधान : आयोजना विभाग ने सभी विभागों को भेजा पत्र
DBT से जुड़े खातों की KYC अद्यतन कराने पर जोर
राज्य के आयोजना विभाग ने विभागीय योजनाओं के DBT लाभार्थियों को लेकर सभी संबंधित विभागों को पत्र जारी। 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2025 तक केंद्र सरकार द्वारा संतृप्ति अभियान चलाया गया। बड़ी संख्या में लाभार्थियों के बैंक खातों की Re-KYC प्रक्रिया अब भी लंबित।
जयपुर। राज्य के आयोजना विभाग ने विभागीय योजनाओं के DBT (Direct Benefit Transfer) लाभार्थियों को लेकर सभी संबंधित विभागों को पत्र जारी किया है। पत्र में लाभार्थियों के बैंक खातों की Re-KYC प्रक्रिया जल्द पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि DBT भुगतान में किसी प्रकार की बाधा न आए। आयोजना विभाग ने स्पष्ट किया है कि 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2025 तक केंद्र सरकार द्वारा संतृप्ति अभियान चलाया गया था, जिसके तहत DBT से जुड़े खातों की KYC अद्यतन कराने पर जोर दिया गया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लाभार्थियों के बैंक खातों की Re-KYC प्रक्रिया अब भी लंबित है।
विभाग ने यह भी बताया कि जनआधार डाटाबेस में पंजीकृत ऐसे खाताधारकों को SMS भेजकर Re-KYC कराने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक कई विभागों द्वारा लाभार्थियों को SMS भेजने की कार्रवाई पूरी नहीं की गई है। इसे गंभीरता से लेते हुए दोबारा पत्र जारी कर शीघ्र कार्रवाई करने को कहा गया है। आयोजना विभाग ने संबंधित विभागों से कहा है कि वे अपने-अपने स्तर पर लंबित मामलों की समीक्षा करें और लाभार्थियों से समय पर Re-KYC पूरी कराने की अपील करें, जिससे DBT भुगतान में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आए और योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक निर्बाध रूप से पहुंच सके।

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