महाराष्ट्र, हरियाणा और बंगाल में हो दोबारा चुनाव : रोहित पवार ने की मांग, बोले- 100 प्रतिशत हुआ विश्वासघात
लोकतांत्रिक ढांचे की पवित्रता के साथ गंभीर किया समझौता
मुंबई। सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के हमले को तेज करते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व में संवैधानिक विश्वास के साथ 100 प्रतिशत विश्वासघात हुआ है। शासकों में निहित 'संवैधानिक विश्वास' के संबंध में उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की एक अहम टिप्पणी का हवाला देते हुए पवार ने दावा किया कि भारत के लोकतांत्रिक ढांचे की पवित्रता के साथ गंभीर समझौता किया गया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए बेलगाम और प्रचंड बहुमत हासिल करने के उद्देश्य से राजनीतिक प्रभाव में काम करने का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि स्वायत्त संस्थाओं को सत्ता की कठपुतली बनाकर रख दिया गया है।
चुनावी पारदर्शिता में गंभीर समझौते और गहरी अपारदर्शिता का हवाला देते हुए पवार ने महाराष्ट्र, हरियाणा और पश्चिम बंगाल में नये सिरे से स्वतंत्र चुनाव कराने की मांग की। राकांपा (एसपी) नेता ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल लोकतांत्रिक नियंत्रण और संतुलन को दरकिनार करने तथा संविधान बदलने के अपने दीर्घकालिक एजेंडे को पूरा करने के लिए व्यवस्थित तरीके से चुनाव आयोग को हथियार बना रहा है।
राजनीतिक उथल-पुथल के बीच आशावाद व्यक्त करते हुए पवार ने नागरिकों, न्यायपालिका के सदस्यों और विशेष रूप से जेन-जी के बढ़ते विरोध की सराहना की, जो भारतीय लोकतंत्र की रक्षा के लिए निडर होकर अपनी आवाज उठा रहे हैं। लोकतंत्र में जनता का विश्वास तभी कायम रहने की बात पर जोर देते हुए कि जब संवैधानिक निकाय सरकारी हितों की सेवा करने के बजाय सख्त नैतिक सीमाओं का पालन करें, पवार ने एक सामूहिक राष्ट्रीय जागरण का आह्वान किया।

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