'मेक इन इंडिया' के 12 साल: मोदी ने उत्पादन, निवेश और निर्यात बढ़ाने पर दिया जोर
भारत वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनकर उभरा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 'मेक इन इंडिया' पहल के 12 साल पूरे होने पर अलग-अलग सेक्टरों में आए स्पष्ट बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पहल से देश के आर्थिक बदलावों के मुख्य संकेतकों के तौर पर घरेलू उत्पादन, निवेश और निर्यात बढे हैं।
मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "देश में अधिक उत्पादन। देश में अधिक निवेश। हर सेक्टर में स्पष्ट बदलाव!" एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री ने एक वीडियो साझा किया है जिसमें 'मेक इन इंडिया' की उपलब्धियों की झलक दिखाई गई है। इसके साथ उन्होंने लिखा है कि मेक इन इंडिया से बुनियादी ढांचे, उद्यम और नवाचार तैयार हो रहे हैं जो देश की तरक्की और समृद्धि में योगदान दे रहे हैं। सितंबर 2014 में शुरू की गई 'मेक इन इंडिया' पहल का मकसद देश को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के तौर पर बढ़ावा देना, घरेलू और विदेशी निवेश को आकर्षित करना, नवाचार को बढ़ावा देना और रोजगार पैदा करना था।
इसके तहत सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन, रक्षा, फार्मास्यूटिकल्स और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे सेक्टर में विनिर्माण क्षमता को मजबूत करने की कोशिश की है। साथ ही घरेलू उद्योग को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से और ज्यादा मजबूती से जोड़ा है। घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और निवेश आकर्षित करने के लिए कुछ खास सेक्टर के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजनाओं जैसे नीतिगत उपाय भी शुरू किए गए हैं। मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों में आपूर्ति श्रृंखला में आई रुकावटों के बाद 'मेक इन इंडिया' का महत्व और बढ़ गया है।

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