मणिपुर में शांति कब? सीएम के इस्तीफे की मांग, अलका लांबा ने केन्द्र सरकार से मांगा जवाब

कांग्रेस ने की जवाबदेही की मांग

मणिपुर में शांति कब? सीएम के इस्तीफे की मांग, अलका लांबा ने केन्द्र सरकार से मांगा जवाब
कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला। पार्टी ने मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के तत्काल इस्तीफे और केंद्र से शांति बहाली की समयबद्ध योजना बनाने की मांग की। कांग्रेस का दावा है कि मई 2023 से अब तक करीब 300 लोगों की मौत और 60 हजार लोग विस्थापित हुए। पार्टी ने दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ितों की सुरक्षित वापसी की मांग की।

नई दिल्ली। कांग्रेस ने मणिपुर में जारी हिंसा पर रोक लगाने के लिए मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के तत्काल इस्तीफे और केंद्र सरकार से हिंसा समाप्त कर जवाबदेही तय करने तथा शांति प्रक्रिया शुरू करने के लिए तत्काल योजना बनाने की मांग की है। कांग्रेस के मणिपुर प्रभारी सप्तगिरि शंकर उलाका और महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने रविवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मणिपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की डबल इंजन सरकार शांति बहाली करने में विफल रही है। राज्य में आज भी ङ्क्षहसा जारी है और सरकार इसे रोकने में असमर्थ साबित हुई है।

कांग्रेस ने कहा कि मई 2023 में मणिपुर में संघर्ष शुरू होने पर पार्टी ने सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल वहां भेजा था। बाद में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मणिपुर का दौरा किया। पार्टी ने अपनी भारत जोड़ो न्याय यात्रा की शुरुआत भी मणिपुर से की थी। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने मणिपुर हिंसा पर एक शब्द भी नहीं कहा और अब तक राज्य का दौरा भी नहीं किया। इसी कारण पार्टी संसद में अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए मजबूर हुई।

कांग्रेस ने कहा कि मई 2023 से अब तक मणिपुर में करीब 300 लोगों की मौत हो चुकी है और 60 हजार लोग विस्थापित हुए हैं, जिनमें से 24 हजार लोग अब भी विस्थापित हैं। पार्टी ने सभी समुदायों के नागरिकों, विशेषकर संवेदनशील और संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में रहने वालों की तत्काल सुरक्षा सुनिश्चित करने, हत्या, गोलीबारी, आगजनी और नागरिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के सभी मामलों की समयबद्ध जांच तथा दोषियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की। पार्टी नेताओं ने शांति स्थापना, पुनर्वास और सभी आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए समयबद्ध योजना बनाने तथा मानवीय सिफारिशों को लागू करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने की भी मांग की। लांबा ने कहा कि उन्होंने एक से चार अक्टूबर तक मणिपुर का दौरा किया था और वहां पिछले तीन वर्षों से हिंसा का दंश झेल रही महिलाओं से मुलाकात की थी। मणिपुर में भाजपा सरकार हिंसा रोकने में पूरी तरह विफल रही है। न तो हिंसा रुक रही है और न ही हिंसा करने वालों को सजा मिल रही है।

Tags: Congress

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