सवालों के घेरे में 160 करोड़ का ट्रीटमेंट प्लांट, नेवटा बांध में जहरीले पानी का आरोप
मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप कर जांच कराने की मांग
जयपुर। सांगानेर में रंगाई-छपाई उद्योग से निकलने वाले दूषित पानी के निस्तारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 160 करोड़ रुपए की लागत से तैयार एसईपीडी ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए शिवा जन समस्या निवारण समिति ने आरोप लगाया है कि औद्योगिक अपशिष्ट का समुचित शोधन नहीं होने से नेवटा बांध, आसपास के जलस्रोतों, भूजल, किसानों और पशुओं के लिए खतरा पैदा हो रहा है। समिति ने इस मामले में मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप कर जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिवा जन समस्या निवारण समिति के अध्यक्ष गुलाब चंद शर्मा का कहना है कि सांगानेर का रंगाई-छपाई उद्योग देश को विदेशी मुद्रा अर्जित कराने के साथ हजारों लोगों की आजीविका का आधार है। इसके बावजूद उद्योग से निकलने वाले दूषित पानी के उपचार और निस्तारण की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उनका आरोप है कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट अपेक्षित परिणाम नहीं दे रहा है और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला रंगीन पानी बिना समुचित शोधन के जलस्रोतों में पहुंच रहा है।

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