सुप्रीम कोर्ट का टीएमसी की आपत्तियों पर विचार करने से इनकार, कोर्ट ने कहा- न्यायिक अधिकारियों पर करना चाहिए भरोसा
प्रशिक्षण मॉडयूल शीर्ष अदालत के आदेशों को खत्म नहीं कर सकता
कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर टीएमसी की आपत्तियां खारिज कर दीं। अदालत ने कहा कि चुनाव आयोग का प्रशिक्षण मॉड्यूल न्यायिक आदेशों को प्रभावित नहीं कर सकता। न्यायिक अधिकारियों पर भरोसा जरूरी है।
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की उन आपत्तियों पर विचार करने से इनकार कर दिया, जो पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (एसआईआर) में दावे की पुष्टि के लिए तैनात न्यायिक अधिकारियों को चुनाव आयोग (ईसीआई) द्वारा प्रशिक्षण देने पर उठाई गई थीं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि चुनाव आयोग का प्रशिक्षण मॉडयूल शीर्ष अदालत के आदेशों को खत्म नहीं कर सकता है और न्यायिक अधिकारियों पर भरोसा किया जाना चाहिए।
पिछले सप्ताह अदालत ने राज्य अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर राज्य और चुनाव आयोग के बीच विवाद को देखते हुए एसआईआर प्रक्रिया में दावों पर फैसला करने के लिए न्यायिक अधिकारियों की तैनाती का निर्देश दिया था। अदालत ने कहा कि झारखंड और ओडिशा से भी न्यायिक अधिकारियों को तैनात किया जा सकता है, क्योंकि चुनाव वाले राज्य में समय-सीमा से पहले काम पूरा करने के लिए पर्याप्त जज उपलब्ध नहीं हैं। अदालत ने कहा कि वह आज कोई और निर्देश जारी नहीं कर रहा है और कहा कि उसने एसआईआर को ठीक से चलाने में मदद के लिए राज्य के लगभग सभी न्यायिक अधिकारियों को लगा दिया है।

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