एक फैमिली कोर्ट दूसरे फैमिली कोर्ट को नहीं कर सकता केस ट्रांसफर : केवल हाईकोर्ट या जिला न्यायालय को ही पारिवारिक न्यायालय के केस ट्रांसफर करने का अधिकार, हाईकोर्ट ने दिया आदेश
पारिवारिक न्यायालय को केस ट्रांसफर करने का अधिकार नहीं
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि एक पारिवारिक न्यायालय दूसरे पारिवारिक न्यायालय को केस ट्रांसफर नहीं कर सकता। यह अधिकार केवल हाईकोर्ट या जिला न्यायालय को है। जस्टिस सुदेश बंसल व अनिल कुमार उपमन की खंडपीठ ने भरतपुर मामले में दिए आदेश को गलत ठहराते हुए सभी फैमिली कोर्ट्स को निर्देश जारी किए।
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने व्यवस्था दी है कि एक पारिवारिक न्यायालय दूसरे पारिवारिक न्यायालय को केस ट्रांसफर नहीं कर सकता। केवल हाईकोर्ट या जिला न्यायालय को ही पारिवारिक न्यायालय के केस ट्रांसफर करने का अधिकार है। न्यायाधीश सुदेश बंसल व न्यायाधीश अनिल कुमार उपमन की खंडपीठ ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की ओर से प्रशासनिक रूप में भेजे गए रेफरेंस पर आदेश दिया।
कोर्ट ने कानूनी व्याख्या करते हुए स्पष्ट किया कि भरतपुर में एक पारिवारिक न्यायालय द्वारा दूसरे पारिवारिक न्यायालय को केस ट्रांसफर करने का निर्णय सही नहीं था, क्योंकि पारिवारिक न्यायालय को ऐसा करने का अधिकार नहीं था। कोर्ट ने इस आदेश की कॉपी सभी पारिवारिक न्यायालयों को भेजने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान बार के विभिन्न पक्षों को सुना। एक पक्ष ने कहा कि पारिवारिक न्यायालय केस ट्रांसफर कर सकता है, जिला न्यायालय को इस तरह के मामलों में दखल का अधिकार नहीं है। वहीं दूसरा पक्ष यह आया कि हाईकोर्ट ही एक जिले या उसके बाहर केस ट्रांसफर कर सकता है। पारिवारिक न्यायालय को केस ट्रांसफर करने का अधिकार नहीं है।

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