खड़गे ने की केन्द्र सरकार की आलोचना : कच्चे तेल की कीमतों में कमी, जनता को राहत नहीं दे रही सरकार
पेट्रोल 71.51 रुपये और डीजल 56.71 रुपये प्रति लीटर था
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कच्चा तेल 2014 के मुकाबले सस्ता होने के बावजूद जनता को राहत नहीं मिल रही। खड़गे के मुताबिक, पेट्रोल 42.8% और डीजल 67.9% महंगा हुआ है, जिससे महंगाई और आम आदमी की मुश्किलें बढ़ी हैं।
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोत्तरी को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने के बावजूद वह जनता को राहत नहीं दे रही है, बल्कि अपना खजाना भरने में मशगूल है। खड़गे ने मंगलवार को आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 26 मई 2014 में भारतीय बास्केट का कच्चा तेल 108.05 डॉलर प्रति बैरल था और डॉलर-रुपया विनिमय दर 58.59 रुपये थी, तब पेट्रोल 71.51 रुपये और डीजल 56.71 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था।
उन्होंने कहा कि आज कच्चे तेल की कीमत 99 डॉलर प्रति बैरल से कम है, लेकिन पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़कर क्रमश: 102.12 रुपये और 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं। खड़गे ने कहा कि इस दौरान पेट्रोल करीब 42.8 प्रतिशत और डीजल करीब 67.9 प्रतिशत महँगा हो चुका है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों का असर केवल ईंधन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवहन, खाद्य वस्तुओं और रोजमर्रा की जरूरतों पर भी पड़ता है, जिससे आम आदमी पर महँगाई का बोझ बढ़ता है। उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल पूछा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता हुआ है, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम क्यों नहीं की जा रही हैं और जनता को राहत क्यों नहीं दी जा रही है।

Comment List