अंजाम से बेखबर टशन और अफेयर में उलझी हुई मर्डर मिस्ट्री है ‘मोनिका ओ माय डार्लिंग’
निर्देशन उम्दा है
कहानी है महत्वकांक्षाओं की जिसमें कई मोहरे हैं और बिसात बिछी है एक बिजनेस अंपायर यूनिकॉर्न ग्रुप पर जहां रिश्ते, रसूख और पावर पर टिके हैं। एक कंपनी में जयंत (राजकुमार राव) और मोनिका (हुमा कुरैशी) काम करते हैं। उस कंपनी का मालिक का बेटा है सिकंदर खेर, लेकिन मालिक बेटे से ज्यादा जयंत को अपना मानता है। वही निक्की, जो सिकंदर की सौतेली बहन है, राजकुमार राव की मंगेतर है पर जयंत का अफेयर मोनिका से है, जो प्रेगनेंट हो जाती है, लेकिन ब्लैकमेल तीन लोगों को करती है, जो बुरी तरह उसके चुंगल में फंसे हैं और तीनों ही कंपनी के बड़े नाम हैं। अब इनके पास बाहर निकलने का एक ही तरीका है, मोनिका की मौत। कंपनी में ये मर्डर कब, कैसे, क्यों हो रहे हैं, इसकी जांच करने आती है राधिका आप्टे जो एसीपी बनी है। क्या असली कातिल पकड़ा जाएगा, क्या मोनिका की मौत का राज खुल पाएगा। क्यों हो रहे हैं मर्डर। सस्पेंस, ट्विस्ट, टर्न और कॉमेडी फ्लेवर से भरी ये फिल्म है मोनिका। कथा पटकथा कोई नई नहीं है, लेकिन कहने का अंदाज काफी शानदार है। शुरू से अंत तक जिज्ञासा और थ्रिल के साथ फिल्म किसी को उठने नहीं देती है। निर्देशन उम्दा है, कहानी को अच्छे से कहता है। एडिटिंग कड़क है। सिनेमेटोग्राफी भी अच्छी है। बैकग्राउंड म्यूजिक फिल्म की जान है। अभिनय में हुमा मोनिका के किरदार में सब पर भारी है। राजकुमार और राधिका अपने रोल में जमे हैं। सिकंदर खेर ठीक-ठाक है। बाकी कलाकारों का काम भी अच्छा है। बहरहाल नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम ये फिल्म अच्छी है, लेकिन मोनिका दर्शकों की डार्लिंग बनेगी या नहीं दर्शक ही बता पाएंगे।

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