ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों में गड़बड़ी के आरोप : एक पर एफआईआर के बाद दूसरे की जांच शुरू, परिवहन मुख्यालय ने आरटीओ से मांगी रिपोर्ट
चित्तौड़गढ़ के मीरा एटीएस के बाद अरावली फिटनेस टेस्टिंग सेंटर का मामला
जयपुर। राजस्थान में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) शुरू हुए अभी करीब छह माह ही हुए हैं, लेकिन इनसे जुड़े विवाद सामने आने लगे हैं। चित्तौड़गढ़ के मीरा फिटनेस टेस्टिंग सेंटर के खिलाफ फर्जी दस्तावेज के मामले में एफआईआर के बाद अब इसी जिले के अरावली फिटनेस टेस्टिंग सेंटर को लेकर शिकायत सामने आई है। परिवहन मुख्यालय ने मामले की जांच शुरू करते हुए चित्तौड़गढ़ आरटीओ से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।
देशभर में वाहनों की फिटनेस जांच एटीएस के जरिए किए जाने की व्यवस्था लागू की गई है। राजस्थान में फरवरी 2026 से एटीएस शुरू हुए और वर्तमान में 51 स्टेशनों पर वाहनों की फिटनेस जांच हो रही है। मीरा एटीएस के आवेदन में चित्तौड़गढ़ यूआईटी का कथित फर्जी प्रमाण पत्र लगाए जाने का मामला जांच में सामने आया था। इसके बाद विभाग ने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई।
अब अरावली फिटनेस टेस्टिंग सेंटर को लेकर आरोप है कि जिस परिसर में एटीएस संचालित है, वहीं टाटा मोटर्स अरावली मोटर्स की वर्कशॉप भी संचालित हो रही है। शिकायत के अनुसार दोनों एक ही आराजी नंबर 1307/144 और 1351/899, ग्राम गणेशपुरा में स्थित हैं। साथ ही दोनों के मालिक एक ही परिवार से जुड़े होने के आरोप लगाए गए हैं।
एटीएस पॉलिसी में क्या है नियम ?
2 जुलाई 2025 की एटीएस पॉलिसी के बिंदु 2.2 में हितों के टकराव को रोकने के लिए प्रावधान हैं। इसके तहत मोटर वाहन डीलर, वाहन सुधार, विनिर्माण अथवा मोटर वाहन के पुर्जों से जुड़े व्यक्ति एटीएस संचालित नहीं कर सकते। नियमों का उद्देश्य फिटनेस जांच और वाहन मरम्मत के कारोबार के बीच संभावित हितों के टकराव को रोकना है।
12 दिन बाद भी जांच रिपोर्ट नहीं :
परिवहन मुख्यालय ने आरटीओ नेमीचंद पारीक को 31 अगस्त को तीन दिन में जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। हालांकि, 12 सितंबर से पारीक विदेश यात्रा पर हैं और निर्धारित अवधि में रिपोर्ट नहीं दी गई। अब सवाल है कि उनकी अनुपस्थिति में जांच की जिम्मेदारी डीटीओ दयाशंकर गुप्ता को दी जाएगी या नहीं।

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