सार्वभौमिक स्वास्थ्य की दिशा में राजस्थान का समग्र संकल्प
रोजगार के अवसर बढ़ाना
विश्वभर में हर वर्ष 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है।
विश्वभर में हर वर्ष 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि स्वास्थ्य मात्र व्यक्तिगत विषय नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और नीतिगत प्राथमिकताओं का केंद्र है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित इस वर्ष की थीम सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लिए वैश्विक कार्रवाई आज के समय की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। यह थीम हमें एक ऐसी व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रेरित करती है, जहां प्रत्येक नागरिक को बिना आर्थिक बोझ के गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हों। राजस्थान जैसे विशाल, भौगोलिक रूप से विविध और सामाजिक रूप से बहुस्तरीय राज्य में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण, लेकिन संभव लक्ष्य है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में हमारी सरकार ने इस दिशा में स्वास्थ्य को केवल चिकित्सा सेवाओं तक सीमित न रखकर उसे जीवनशैली, पर्यावरण, ऊर्जा, पोषण और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ते हुए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाया है। सार्वभौमिक स्वास्थ्य की अवधारणा के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं केवल अस्पतालों और दवाइयों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। स्वच्छ जल, पोषणयुक्त आहार, सुरक्षित कार्य वातावरण और प्रदूषण मुक्त जीवन से ही पूर्णतः स्वस्थ रहा जा सकती है।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार :
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ उन आधारभूत कारकों पर भी विशेष ध्यान दिया है, जो सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने की पहल इसी सोच का उत्कृष्ट उदाहरण है। पूर्व में किसानों को रात्रि के समय सिंचाई करने के लिए बाध्य होना पड़ता था। अंधेरे में खेतों में काम करना, जहरीले जीवों का खतरा, अत्यधिक ठंड या वर्षा के बीच कार्य उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक थीं। अब 24 जिलों में दिन के समय बिजली उपलब्ध कराए जाने से न केवल कृषि उत्पादन में सुधार हुआ है, बल्कि किसानों की जीवन गुणवत्ता और स्वास्थ्य में भी सकारात्मक परिवर्तन आया है। वर्ष 2027 तक सभी जिलों में इस सुविधा का विस्तार किया जाना प्रस्तावित है। स्वास्थ्य की बात करते समय स्थानीय परिस्थितियों और जीवन की गुणवत्ता को भी उतना ही महत्व देना होगा। सुरक्षित कार्य वातावरण स्वयं में एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा है। स्वच्छ और सतत ऊर्जा की दिशा में राजस्थान का बढ़ता कदम भी स्वास्थ्य सुरक्षा से गहराई से जुड़ा हुआ है।
राज्य में सौर ऊर्जा उत्पादन :
प्रधानमंत्री कुसुम योजना के माध्यम से राज्य में सौर ऊर्जा उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। लगभग 1961 मेगावाट क्षमता के सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे राजस्थान देश में हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनकर उभरा है। इसका सीधा प्रभाव पर्यावरणीय स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। थर्मल ऊर्जा पर निर्भरता कम होने से वायु प्रदूषण में कमी आई है, जिससे श्वसन संबंधी रोगों के जोखिम में गिरावट आई है। कार्बन उत्सर्जन में कमी जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को नियंत्रित करने में सहायक है, जो भविष्य में स्वास्थ्य संकटों को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस प्रकार, ऊर्जा क्षेत्र में सुधार भी स्वास्थ्य सुरक्षा का एक सशक्त माध्यम बन गया है। सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में हमारी सरकार ने चिकित्सा सेवाओं को सुलभ, सस्ती और प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। निःशुल्क दवा और जांच योजनाओं के माध्यम से आमजन को आर्थिक राहत प्रदान की गई है। स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के विस्तार से गंभीर बीमारियों के उपचार का बोझ कम हुआ है। डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में भी चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।
सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज :
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सुधार हुए हैं। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा, पोषण कार्यक्रमों का विस्तार और टीकाकरण अभियान की सुदृढ़ व्यवस्था ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्वास्थ्य केवल सरकारी योजनाओं से ही सुनिश्चित नहीं किया जा सकता। इसके लिए जनभागीदारी और जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, योग, स्वच्छता और मानसिक संतुलन अच्छे स्वास्थ्य के आधार हैं।
राजस्थान में आयुष पद्धतियों योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे आमजन की दवाइयों पर निर्भरता कम होगी और प्राकृतिक व संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। यह दृष्टिकोण रोगों की रोकथाम में भी अत्यंत प्रभावी है। सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज का एक महत्वपूर्ण पहलू आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा भी है। आर्थिक रूप से सक्षम व्यक्ति अपने स्वास्थ्य पर बेहतर ध्यान दे पाता है।
रोजगार के अवसर बढ़ाना :
किसानों को ऊर्जा के माध्यम से सशक्त बनाना, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना और जीवन स्तर में सुधार करना अप्रत्यक्ष रूप से स्वास्थ्य को सुदृढ़ करते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की परिभाषा के अनुसार स्वास्थ्य मात्र बीमारी का अभाव नहीं, बल्कि एक समग्र शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण की अवस्था है। इसी सिद्धांत को आधार बनाकर राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा का लक्ष्य एक ऐसे राजस्थान का निर्माण करना है, जहां प्रत्येक नागरिक स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त हो। जहां किसान उजाले में आत्मविश्वास के साथ कार्य करे, जहां स्वच्छ ऊर्जा से पर्यावरण सुरक्षित हो और जहां स्वास्थ्य सेवाएं हर व्यक्ति तक समान रूप से पहुंचें। इसी समग्र दृष्टिकोण के साथ राजस्थान सबके लिए स्वास्थ्य के लक्ष्य की ओर दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।
-गजेंद्र सिंह खींवसर
स्वास्थ्य मंत्री, राजस्थान
(यह लेखक के अपने विचार हैं)

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