भजनलाल सरकार में शिक्षा का स्वर्णिम दौर : आवासीय विद्यालयों के छात्रों ने रचा इतिहास, मॉनिटरिंग और मार्गदर्शन से मिली सफलता

ऐतिहासिक परिणाम: आवासीय विद्यालयों के छात्र चमके

भजनलाल सरकार में शिक्षा का स्वर्णिम दौर : आवासीय विद्यालयों के छात्रों ने रचा इतिहास, मॉनिटरिंग और मार्गदर्शन से मिली सफलता

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी नीतियों से आवासीय विद्यालयों के छात्रों ने बोर्ड परीक्षाओं में कीर्तिमान रचा है। कला और वाणिज्य संकाय में लगभग 100% परिणाम के साथ वंचित वर्ग के विद्यार्थियों ने उत्कृष्टता सिद्ध की। मंत्री अविनाश गहलोत ने इस सफलता को समावेशी शिक्षा और शिक्षकों के समर्पण का परिणाम बताया।

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सुधारों का असर अब परिणामों में साफ दिखाई दे रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने इस वर्ष 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में अभूतपूर्व सफलता हासिल कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने इस शानदार उपलब्धि का श्रेय विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों को दिया। उन्होंने कहा कि यह सफलता वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए नई प्रेरणा है और आने वाले समय में ये विद्यालय और बेहतर परिणाम देंगे।

शानदार परीक्षा परिणाम

आवासीय विद्यालयों के छात्रों ने इस वर्ष उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए—

10वीं बोर्ड में 97.98% परिणाम दर्ज किया। 1829 में से 1792 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए।
12वीं विज्ञान संकाय में 98.38% सफलता मिली, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की।
कला संकाय में 99.85% का लगभग शत-प्रतिशत परिणाम रहा।
वाणिज्य संकाय में 100% परिणाम दर्ज कर सभी 18 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए।

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उच्च अंकों की बात करें तो कई विद्यार्थियों ने 90% से अधिक अंक प्राप्त कर उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया।

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समावेशी शिक्षा का मॉडल बना योजना

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वर्ष 1997-98 में शुरू हुई आवासीय विद्यालय योजना आज सामाजिक परिवर्तन का मजबूत माध्यम बन चुकी है। वर्तमान में राज्य के 42 विद्यालयों में 14,500 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। यहां अनुसूचित जाति, जनजाति, विशेष पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, आवास, भोजन, पुस्तकें और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

बढ़ते निवेश से मिल रहे बेहतर परिणाम

राज्य सरकार द्वारा इस योजना पर लगातार निवेश बढ़ाया जा रहा है। पिछले वर्षों में करोड़ों रुपये खर्च कर हजारों विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है, जिससे शिक्षा का स्तर ऊंचा हुआ है और वंचित वर्ग मुख्यधारा से जुड़ रहा है।

मॉनिटरिंग और मार्गदर्शन से मिली सफलता

छात्रों की नियमित मॉनिटरिंग, विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और परामर्श व्यवस्था ने इन परिणामों की नींव मजबूत की है। सभी विद्यालय राजस्थान रेजिडेंशियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन सोसाइटी (RREIS) के माध्यम से संचालित हो रहे हैं, जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जा रहा है। सरकार की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सही अवसर और संसाधन मिलने पर वंचित वर्ग के विद्यार्थी भी सफलता के नए आयाम स्थापित कर सकते हैं।

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