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ओपिनियन 

पॉडकास्ट के नए रूप में आज भी जी रहा रेडियो

पॉडकास्ट के नए रूप में आज भी जी रहा रेडियो आकाशवाणी शब्द पर क्षणभर ठहर कर विचार करें तो इसमें एक समूची सभ्यतागत कल्पना छिपी मिलती है। आकाश से अवतरित होने वाली वाणी, वह स्वर जिसका कोई भौतिक स्रोत दृष्टिगोचर नहीं होता, जो अदृश्य से उतरकर मनुष्य के श्रवण तक पहुंचता है।
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