Political Representation
<% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %> <%= node_description %>
<% } %> <% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
Read More... विधायिका में महिलाओं को आरक्षण देने से किसी राज्य का सीटों का नुकसान नहीं होगा ; जो दल विरोध करेंगे, चुनावों में भुगतना पड़ेगा खामियाजा : पीएम मोदी
Published On
By Jaipur NM
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में आश्वासन दिया कि महिला आरक्षण और परिसीमन से किसी राज्य या दल का नुकसान नहीं होगा। उन्होंने विरोध करने वाले दलों को चुनावी नतीजों की चेतावनी देते हुए इसे राजनीति से ऊपर रखने की अपील की। पीएम ने इसे लैंगिक समानता और राष्ट्र विकास के लिए 'प्रायश्चित और गौरव' का क्षण बताया। हमारी सरकार ने महिलाओं के जीवन चक्र के हर पड़ाव के लिए बनाई योजनाएं, उन्हें सफलतापूर्वक किया लागू : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
Published On
By Jaipur NM
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' में महिलाओं के जीवन चक्र हेतु विशेष योजनाओं पर जोर दिया। उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी लोकतंत्र को नई ऊंचाइयां देगी। पीएम ने सांसदों से समर्थन जुटाने और इस बदलाव को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। दिल्ली में नारी शक्ति वंदन अभियान को जबरदस्त समर्थन, नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना समय की आवश्यकता : सीएम रेखा गुप्ता
Published On
By Jaipur NM
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन और नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी लोकतंत्र को मजबूत करेगी। सीएम ने पीएम मोदी के इस ऐतिहासिक कदम की सराहना करते हुए इसे 'बेटी बचाओ' से 'बेटी बढ़ाओ' की ओर बढ़ता क्रांतिकारी कदम बताया। लेबर कोर्ट के नाम पर मजदूरों को गुलाम बनाना चाहती है भाजपा: श्रीमाली
Published On
By Jaipur NM
पीसीसी मुख्यालय में आयोजित इंटक के शपथ ग्रहण समारोह में प्रदेशाध्यक्ष जगदीश श्रीमाली ने भाजपा सरकार की नीतियों को मजदूर विरोधी बताया। संगठन ने जलदाय विभाग के निजीकरण का विरोध किया और निकाय चुनावों में श्रमिकों को उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग की। 21 सूत्री मांग पत्र के साथ मजदूरों के हक की लड़ाई तेज करने का संकल्प लिया गया। 