लेबर कोर्ट के नाम पर मजदूरों को गुलाम बनाना चाहती है भाजपा: श्रीमाली
मजदूरों की हुंकार: इंटक का शपथ ग्रहण और 21 सूत्रीय मांग पत्र
पीसीसी मुख्यालय में आयोजित इंटक के शपथ ग्रहण समारोह में प्रदेशाध्यक्ष जगदीश श्रीमाली ने भाजपा सरकार की नीतियों को मजदूर विरोधी बताया। संगठन ने जलदाय विभाग के निजीकरण का विरोध किया और निकाय चुनावों में श्रमिकों को उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग की। 21 सूत्री मांग पत्र के साथ मजदूरों के हक की लड़ाई तेज करने का संकल्प लिया गया।
जयपुर: राजस्थान मजदूर कांग्रेस इंटक संगठन का रविवार को पीसीसी मुख्यालय में प्रदेश कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह हुआ। बैठक में मजदूर और गिगवर्क्स के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करने के साथ ही 21 सूत्री मांग पत्र का प्रस्ताव भी पास कराया गया। वक्ताओं ने भाजपा सरकार की कथित मजदूर विरोधी नीतियों को लेकर भी अपनी बात रखते हुए सरकार पर सवाल उठाए। राजस्थान मजदूर कांग्रेस( इंटक) के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश श्रीमाली ने मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों सरकारों ने पूंजीपतियों की नीति पर चलते हुए देश और प्रदेश के श्रमिक कानून को बदल दिया है और लेबर कोर्ट के नाम पर मजदूरों को बंधुआ मजदूर बन गुलामी की ओर ले जा रहे हैं।
संगठन ने 13 मार्च को भी जलदाय विभाग के निजीकरण के विरोध में इंटक संगठन ने जलदाय विभाग का घेराव किया था जिसके बाद सरकार की ओर से हमें लिखित में आश्वस्त किया गया है कि जनता विभाग का निजीकरण नहीं किया जा रहा है। श्रीमाली ने कहा कि हमारे 21 सूत्री मांग पत्र में 21 वें संकल्प यही है कि हमने निकाय और पंचायत चुनाव में मंडल, ब्लॉक स्तर पर कांग्रेस पार्टी से मांग की है कि हमारे कार्यकर्ताओं और नेताओं को पंचायत और निकाय चुनाव में टिकट वितरण में उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए, इसके अलावा लोकसभा विधानसभा में भी हमें प्रतिनिधित्व दिया जाए।

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