बिटकॉइन माइनिंग में 16 प्रतिशत मुनाफे का झांसा : 244 लोगों से की 10 करोड़ की ठगी, 3 ठग गिरफ्तार
होटल में दबोचे आरोपी
बिटकॉइन माइनिंग के नाम पर बड़ा साइबर ठगी गिरोह पकड़ा। डीएसटी दक्षिण और श्यामनगर थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरोह ने 244 लोगों से करीब 10 करोड़ रुपए ठगे। आरोपियों के पास से विदेशी करेंसी, 10 एटीएम कार्ड, लैपटॉप और मोबाइल मिले।
जयपुर। जयपुर जिला दक्षिण की डीएसटी और श्याम नगर थाना पुलिस ने बिटकॉइन माइनिंग में निवेश के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह तीन शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने अब तक करीब 244 लोगों से लगभग 10 करोड़ रुपए की ठगी करना स्वीकार किया है। इनके कब्जे से 10 एटीएम कार्ड, 37 मलेशियाई करंसी (रिंगिट), 40 यूएई की करेंसी (दिरहम), एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन और एक करंसी काउंटिंग मशीन बरामद की है। आरोपी लोगों को मलेशिया में लगे माइनिंग सर्वर रूम के वीडियो दिखाकर निवेश के लिए झांसा देते थे। पुलिस गिरफ्तार आरोपी अविनाश शर्मा (29) निवासी हनुमान वाटिका आमेर, जितेंद्र सिंह (46) निवासी कनकपुरा और चमन सिंह (52) निवासी शेखावाटी नगर हरमाड़ा से पूछताछ कर रही है।
ऐसे करते थे ठगी
9 मार्च 2026 को पंचशील कॉलोनी पुरानी चुंगी निवासी दिलीप सिंह राजावत ने थाना श्याम नगर में रिपोर्ट दी कि करीब पांच महीने पहले अविनाश शर्मा, दिनेश पाराशर और चमन सिंह ने उसे बिटमाइन डॉट वर्ल्ड नाम की इंटरनेशनल कम्पनी में निवेश का झांसा दिया। आरोपियों ने मल्टी लेवल नेटवर्क मार्केटिंग प्लान के तहत हर महीने 16 प्रतिशत मुनाफा और नए सदस्य जोड़ने पर 5 यूएसडीटी रेफरल बोनस देने का लालच दिया। आरोपियों की बातों में आकर उसने 2 लाख 27 हजार 500 रुपए फोनपे के माध्यम से निवेश कर दिए। बाद में पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने देने से इनकार कर दिया।
होटल में दबोचे आरोपी
मामले की जांच के दौरान साइबर सेल और जिला विशेष टीम ने तकनीकी विश्लेषण कर आरोपियों का पता लगाया और किंग्स रोड स्थित होटल पद्मावती पैलेस में मीटिंग के दौरान अविनाश शर्मा, चमन सिंह और जितेंद्र सिंह को पकड़ लिया। खुलासा हुआ कि सरगना अविनाश नकद राशि से यूएसडीटी (क्रिप्टोकरंसी) खरीदकर मलेशिया भेजता था।
उसकी दो आईडी में करीब 1.98 करोड़ डॉलर के ट्रांजेक्शन पाए गए हैं।

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