भरण-पोषण के मुआवजे के तौर पर कोर्ट में पेश किए 55 हजार रुपए के सिक्के
कोर्ट ने दिया था पत्नी को गुजारा भत्ता देने का आदेश
समयाभाव के कारण सिक्कों की गणना नहीं होने पर अदालत ने 26 जून को इनकी गिनती कराने को कहा है। मामले में अदालत ने पत्नी के प्रार्थना पत्र पर पति दशरथ को पांच हजार रुपए गुजारा भत्ता देने के आदेश दिए थे।
जयपुर। घरेलू हिंसा से जुडे मामले में पत्नी को गुजारा भत्ता देने के आदेश की पालना में आरोपी पति ने एडीजे कोर्ट क्रम-8 में 55 हजार रुपए के सिक्के पेश किए। समयाभाव के कारण सिक्कों की गणना नहीं होने पर अदालत ने 26 जून को इनकी गिनती कराने को कहा है। मामले में अदालत ने पत्नी के प्रार्थना पत्र पर पति दशरथ को पांच हजार रुपए गुजारा भत्ता देने के आदेश दिए थे। दशरथ ने इस आदेश की पालना नहीं की और कई महिनों तक भरण पोषण राशि जमा नहीं कराई। अदालत में इसकी जानकारी आने पर अभियुक्त के वारंट जारी किए गए, जिसकी पालना में हरमाड़ा थाना पुलिस ने पति दशरथ को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। फैमिली कोर्ट के पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर होने के चलते आरोपी पति को लिंक कोर्ट में पेश किया गया। जहां अदालत ने उसे जेल भेजने के आदेश दिए। इस दौरान आरोपी की ओर से सात कट्टों में लाए 55 हजार रुपए के सिक्के अदालत में पेश किए। आरोपी ने कहा कि एक और दो रुपए के ये सिक्के देश की मान्य मुद्रा है। ऐसे में इस राशि को स्वीकार किया जाए। वहीं पत्नी की ओर से कहा गया कि आरोपी ने उसे प्रताड़ित करने के लिए हर्जाना राशि सिक्कों के रूप में दी है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी पति को जमानत पर रिहा कर दिया है। गौरतलब है कि गुजरा भत्ता आदेश होने के बाद यदि आरोपी पति की ओर से भुगतान नहीं किया जाता है तो हर माह की राशि के आधार पर उतने माह की सजा का प्रावधान है।

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