मांगों को लेकर निजी बसों का चक्काजाम : परिवहन आयुक्त को सौंपा जाएगा ज्ञापन, यात्री रहे परेशान
प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखी
नावों में निजी बसों के किराए को पड़ोसी राज्यों के समान करने तथा चुनाव ड्यूटी में लगे वाहनों का टैक्स माफ करने सहित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखी।
जयपुर। टूरिस्ट, पर्यटन वाहन एवं स्टेज कैरिज बसों से लगेज कैरियर नहीं हटाने, चुनावों में निजी बसों के किराए को पड़ोसी राज्यों के समान करने तथा चुनाव ड्यूटी में लगे वाहनों का टैक्स माफ करने सहित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर निजी बसों का प्रदेशभर में चक्का जाम रहा। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। राजस्थान में निजी बस आूपरेटरों ने परिवहन विभाग की नीतियों और कार्रवाई को लेकर रुख अपनाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी थी और शनिवार को निजी बसों का चक्का जाम रहा। प्रदेश बस ऑपरेटर एसोसिएशन राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष सत्य नारायण साहू ने कहा कि टूरिस्ट, पर्यटन वाहन एवं स्टेज कैरिज बसों से लगेज कैरियर नहीं हटाने, चुनावों में निजी बसों के किराए को पड़ोसी राज्यों के समान करने तथा चुनाव ड्यूटी में लगे वाहनों का टैक्स माफ करने सहित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखी।
बस ऑपरेटरों ने लोक परिवहन सेवा के परमिट की अवधि 10 वर्ष करने, नई परमिट प्रक्रिया में पुरानी बस की शर्त तय करने, स्लीपर कोच और टूरिस्ट बसों पर नया टैक्स लागू करने, टीपी की वैधता 24 घंटे करने तथा उपनगरीय क्षेत्रों में नए मार्ग जोड़ने की मांगें भी की है। उन्होंने बताया कि अब 28 जनवरी को प्रदेशभर के बस ऑपरेटर्स शहीद स्मारक पर पैदल मार्च करेंगे और परिवहन आयुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

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