बजट में राजनीतिक और सामाजिक चुनौतियों से निपटने का कोई प्रावधान नहीं : किसानों को नहीं मिला कोई लाभ, खड़गे ने कहा- ब्रिटिश शासन के स्तर को भी पार कर चुकी असमानता

बजट में कोई स्पष्ट नीतिगत विजन दिखता

बजट में राजनीतिक और सामाजिक चुनौतियों से निपटने का कोई प्रावधान नहीं : किसानों को नहीं मिला कोई लाभ, खड़गे ने कहा- ब्रिटिश शासन के स्तर को भी पार कर चुकी असमानता

केंद्र सरकार में अन्नदाता किसानों को अभी तक कोई सार्थक कल्याण योजना या आय सुरक्षा का प्रावधान नहीं मिला है। असमानता ब्रिटिश शासन के स्तर को भी पार कर चुकी है।

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश केन्द्रीय बजट को नीतिगत खालीपन, दूरदर्शिता तथा दिशाहीन करार देते हुए कहा किआर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक चुनौतियों से निपटने के इसमें कोई प्रावधान नहीं किया गया है। खड़गे ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि बजट 2026-27 से साबित होता है कि इसमें देश की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों के समाधान के लिए कोई उपाय नहीं किए गये हैं। बजट में चुनौतियों का ठोस समाधान करने के लिए कोई सुझाव नहीं दिए गये हैं। सरकार का मिशन मोड अब'चुनौती मार्ग'बन चुका है और रिफॉर्म एक्सप्रेस किसी भी सुधार वाले स्टेशन पर रुकने से कतराता दिख रहा है। नतीजा यह है कि बजट में न तो कोई स्पष्ट नीतिगत विजन दिखता है और न ही कोई मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार में अन्नदाता किसानों को अभी तक कोई सार्थक कल्याण योजना या आय सुरक्षा का प्रावधान नहीं मिला है। असमानता ब्रिटिश शासन के स्तर को भी पार कर चुकी है, लेकिन बजट में इसका उल्लेख तक नहीं है और न ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग या अल्पसंख्यक समुदायों के लिए कोई विशेष सहायता का प्रावधान किया गया है। खड़गे ने कहा कि वित्त आयोग की सिफारिशों से लगता है कि राज्यों को कोई वास्तविक राहत मिलने वाली नहीं है। इसका यह भी मतलब हुआ कि वित्तीय संकट से जूझ रहे राज्यों की स्थिति और खराब हो सकती है और संघवाद की भावना को गहरी चोट पहुंच रही है। बजट में कई बड़े और महत्वपूर्ण मुद्दों को महत्व नहीं दिये जाने पर उन्होंने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र का पुनरुद्धार नहीं हो रहा और यह अब भी 13 प्रतिशत पर अटका हुआ है। इसी तरह से मेक इन इंडिया का कोई ठोस परिणाम नहीं दिख रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बजट में युवाओं के लिए रोजगार सृजन या महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी बढ़ाने की कोई गंभीर योजना नहीं है। पहले चलाई गई इंटर्नशिप और स्किल डेवलपमेंट योजनाओं का क्या नतीजा निकला, इस पर भी कोई जवाब नहीं दिया गया है। निर्यात में लगातार गिरावट, टैरिफ जोखिम और वैश्विक बाजार में भारत की हिस्सेदारी घटने पर कोई नीति नहीं दिखती। रुपए की गिरावट को रोकने या उससे निपटने का भी कोई उल्लेख नहीं है। गरीब और मध्यम वर्ग को महंगाई से कोई राहत नहीं मिली, बचत कम हो रही है, कर्ज बढ़ रहा है और मजदूरी ठहरी हुई है। उपभोक्ता मांग को फिर से पटरी पर लाने का भी कोई प्रयास नहीं हुआ और निजी निवेश में विश्वास की कमी बनी हुई है, क्योंकि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और मजदूरी में स्थिरता को नजरअंदाज किया गया है। सिर्फ छोटे बदलावों के अलावा कोई संरचनात्मक सुधार बजट में नहीं किए गए हैं।

खड़गे ने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र के वादे बार-बार दोहराए जाते है, लेकिन डिलिवरी ना के बराबर है। शहर अभी भी रहने लायक नहीं बन पाए हैं और स्मार्ट सिटी का सपना अधूरा पड़ा है। सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई। मनरेगा की जगह लाए गए नए कानून के लिए आवंटन का एक शब्द भी नहीं है। कुल मिलाकर यह है कि बजट न तो समस्याओं का समाधान देता है और न ही उनकी कमी को छिपाने के लिए कोई नया नारा या स्लोगन पेश करता है। यह पूरी तरह से नीतिगत खालीपन और दूरदर्शिता की कमी को उजागर करने वाला बजट है।

Read More मन की बात: स्टार्टअप्स में गुणवत्ता को बनाएं अपना 'बेंचमार्क', विकसित भारत के लिए 'जीरो डिफेक्ट-जीरो इफेक्ट' जरूरी 

Tags: kharge

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया, कहा- बजट से अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगी नई गति पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया, कहा- बजट से अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगी नई गति
वसुंधरा राजे ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट भारत की अर्थव्यवस्था और रोजगार को...
पश्चिम अफ्रीका के आइवरी कोस्ट में भीषण सड़क हादसा: 14 लोगों की मौत 21 अन्य घायल
बजट 2026: दूध, तिलहन, फल और सब्जियों की आपूर्ति के लिए कई प्रोत्साहनों का प्रस्ताव, प्राथमिक सहकारी समितियों को मिलेगी छूट
मदन राठौड़ की केंद्रीय बजट 2026 पर प्रतिक्रिया, कहा- विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने वाला दूरदर्शी और जनकल्याणकारी बजट
विकसित भारत-जी राम जी योजना के लिए 95,692 करोड़ का आवंटन : मनरेगा के स्थान पर लाई गई है यह योजना
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के लिए 2,103 करोड़ का आवंटन : एयर इंडिया से संबंधित देनदारियों और प्रतिबद्धताओं पर होगा खर्च, आरसीएस उड़ान के लिए बढ़ाया आवंटन
बजट 2026: वित्त मंत्री ने कहा-शिक्षा व्यवस्था को भविष्य के लिए तैयार करना और युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना, एसटीईएम को मजबूत करने पर दिया जोर