श्मशान भी नहीं रहे सुरक्षित : फिर गायब हुईं मुक्तिधाम से अस्थियां, एक रात में दो घटनाओं से सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
पहले भी गायब हो चुकी हैं अस्थियां
शहर के मुक्तिधाम में अस्थियों के गायब होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। बार-बार हो रही इन घटनाओं ने मुक्तिधाम की सुरक्षा व्यवस्था, देखरेख और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
रामगंजमंडी। शहर के मुक्तिधाम में अस्थियों के गायब होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। बार-बार हो रही इन घटनाओं ने मुक्तिधाम की सुरक्षा व्यवस्था, देखरेख और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हनुवंतखेड़ा रोड निवासी मनी बाई पत्नी मांगीलाल माली (उम्र 95 वर्ष) के निधन के बाद परिजन जब तीये की रस्म के लिए मुक्तिधाम पहुंचे, तो उनकी अस्थियां बिखरी एवं क्षतिग्रस्त अवस्था में मिलीं। यह दृश्य देखकर परिजन स्तब्ध रह गए और मुक्तिधाम की अव्यवस्था को लेकर गहरा रोष जताया। इसी तरह दूसरी घटना पंजाबी गली निवासी कंचन बाई पत्नी गोरधन लाल सेन (70) से जुड़ी है।
28 जनवरी की रात्रि तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। अंतिम संस्कार के बाद जब परिजन तीये की रस्म के लिए मुक्तिधाम पहुंचे, तो वहा अस्थियां और राख गायब मिलीं। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी रामगंजमंडी मुक्तिधाम में ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 22 दिसंबर को पंजाबी समाज के रामप्रकाश मदान की, 1 जनवरी को ब्रह्मपुरी बाजार नंबर दो निवासी मुन्नी बाई सोनी, 6 जनवरी को लीला देवी की अस्थियां और राख पूरी तरह गायब पाई गई थीं।
सूचना मिली थी कि मुक्तिधाम में कंचन बाई की अस्थियां गायब पाई गईं। जबकि दूसरे मामले में मनी बाई माली की अस्थियों और राख को खुर्द-बुर्द की गई। पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
-अंकित कुमार, प्रशिक्षु आरपीएस।

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