होली दहन आज धुलण्डी कल : शाम 6.24 से 6.36 बजे होली दहन का समय, रात 1.26 से 2.38 के बीच करना भी श्रेष्ठ
होलिका दहन पर भद्रा का साया
होली का दहन सोमवार को होगा, जबकि धुलण्डी मंगलवार को मनाई जाएगी। जयपुर के आराध्य देव गोविन्द देवजी में होली दो मार्च और धुलण्डी तीन मार्च को मनाई जाएगी। जयपुर के पूर्व राजपरिवार की ओर से होली का दहन दो मार्च की मध्य रात्रि में किया जाएगा और धुलण्डी तीन मार्च को मनाई जाएगी।
जयपुर। होली का दहन सोमवार को होगा, जबकि धुलण्डी मंगलवार को मनाई जाएगी। जयपुर के आराध्य देव गोविन्द देवजी में होली दो मार्च और धुलण्डी तीन मार्च को मनाई जाएगी। जयपुर के पूर्व राजपरिवार की ओर से होली का दहन दो मार्च की मध्य रात्रि में किया जाएगा और धुलण्डी तीन मार्च को मनाई जाएगी। महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि धुलण्डी अर्थात रंग खेलने का कोई मुहूर्त नहीं होता, इस कारण धुलण्डी तीन मार्च को मनाई जाएगी। अन्य विद्वानों के अनुसार यदि भद्रा निशीथकाल से आगे तक रहे तो होलिका दहन भद्रकाल भद्रा पुच्छ या प्रदोष में किया जाना चाहिए।
दो को कब करें होली का दहन : पण्डित अनीश व्यास और पण्डित महेन्द्र मिश्रा बताते हैं कि धर्मसिंधु के प्रमाणानुसार दो मार्च सोमवार को शाम 6.24 से 6.36 बजे प्रदोष काल में होली दहन किया जा सकता है। इसके बाद होली का दहन रात 1.26 से 2.38 के बीच करना श्रेष्ठ समय है। विद्वानों के अनुसार भद्रापुच्छ मध्यरात्रि 1:23 से 2:34 तक रहेगी।
होलिका दहन पर भद्रा का साया : भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्लेषक डॉ.अनीष व्यास ने बताया कि फाल्गुनशुक्ल की प्रदोषव्यापिनी पूर्णिमा को भद्रा रहित में करना शास्त्रसम्मत बताया गया है। फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 2 मार्च को शाम 5.56 बजे शुरू होकर 3 मार्च को शाम 5.07 बजे तक समाप्त होगी। प्रदोषकाल में पूर्णिमा होने से सोमवार को ही होलिका दहन होगा। इस दिन भद्रा सायं 05.56 से अन्तरात्रि 05.28 तक भूमिलोक (नैत्यकोण अशुभ) की रहेगी, जो कि सर्वथा त्याज्य है।

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