ऊंटों के हैरतअंगेज करतबों ने दर्शकों का मनमोहा : गड़ीसर झील पर तीसरे दिन हुआ योग और वाद्य संगीत से मरु महोत्सव का आगाज
जलेबी फॉर्मेशन की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों की वाहवाही लूटी
देश-दुनिया में मशहूर 4 दिवसीय मरु महोत्सव के तीसरे दिन महोत्सव की शुरुआत गड़ीसर झील पर योग और वाद्य संगीत से हुई। महोत्सव की अधिकांश गतिविधियां डेडानसर मैदान में के्द्रिरत रही। यहां ऊंटों से संबंधित कई प्रतियोगिताएं हुईं।
जैसलमेर। देश-दुनिया में मशहूर 4 दिवसीय मरु महोत्सव के तीसरे दिन महोत्सव की शुरुआत गड़ीसर झील पर योग और वाद्य संगीत से हुई। महोत्सव की अधिकांश गतिविधियां डेडानसर मैदान में के्द्रिरत रही। यहां ऊंटों से संबंधित कई प्रतियोगिताएं हुईं। ऊंटों के रोमांच और साहस भरे करतबों ने दर्शकों का मन मोह लिया। वायु सैनिकों की ओर से एरियर वॉरियर ड्रिल का पराक्रम और कलात्मक शौर्य प्रदर्शन के साथ ही लोक कलाकारों की ओर से दी गई मनोहारी प्रस्तुतियों ने सभी को अभिभूत किया। सीमा सुरक्षा बल के इंस्पेक्टर भौमसिंह के नेतृत्व में टेटू शो की शानदार प्रस्तुति दी गई। वहीं सीमा सुरक्षा बल के सजे धजे जवानों ने ऊंटों पर माउण्टेन बैड़ की राजस्थानी गीतों की मधुर स्वर लहरियों पर करतब प्रस्तुत किए। शो में चार चार ऊंटों की क्रॉसिंग, 8.8 ऊंटों की क्रॉसिंग के साथ लहरिया फोर्मेशन, पीपल के पत्ते का फोर्मेशन, जलेबी फॉर्मेशन की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों की वाहवाही लूटी।
पणिहारी मटका रेस रही रोचक
महोत्सव के दौरान महिलाओं के मध्य पणिहारी मटका रेस का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाएं अपने सिर पर पानी से भरा मटका लेकर निर्धारित स्थल पर पहुंची। महोत्सव के दौरान भारतीय एवं विदेशी पुरुष व महिलाओं के मध्य रस्सा-कस्सी की प्रतियोगिता हुई, जिसमें दोनांे टीमों ने अपने दम का जोर लगाया। इस बार भारतीयों की टीम विजेता रही। भारतीय पुरुष टीम 2.0 से विजेता रही, वहीं भारतीय महिला टीम भी 2.0 से विजेता रही।
रोचक रही शान-ए-मरूधरा प्रतियोगिता
महोत्सव में शान-ए-मरूधरा प्रतियोगिता रोचक रही, जिसे दर्शकों ने उत्साह से देखा।
भारतीय कैमल पोलो संघ के तत्वावधान में अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह राठौड के नेतृत्व में कैमल पोलो संघ की टीम व सीमा सुरक्षा बल की टीम के बीच पोलो मैच का आयोजन हुआ। इसमें सीमा सुरक्षा बल की टीम 3.1 गोल से विजेता रही।
डेडानसर मैदान में मरू महोत्सव के दौरान विभिन्न प्रांतों से आये लोक कलाकारों ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्त्रमों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
साहसिक रही एयर वॉरियर ड्रिल
भारतीय वायु सेना के जाबांजों की ओर से साहसिक एवं शस्त्र के साथ शारीरिक सन्तुलन को बनाए रख एयर वॉरियर ड्रिल की रोमांचक प्रस्तुति दी गई, जिसे देखकर दर्शकों के रोंगटे खड़े हो गए। ग्रुप केप्टन सुमित प्रदान के निर्देशन में एयर वॉरियर टीम ने अपने हाथों में साढ़े पांच किलों वजन की राइफल को खिलौने की तरह चलाकर दर्शकों के रोंगटे खड़े करा दिए।

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