11 साल बाद ब्लूटूथ नकल गिरोह का फरार आरोपी गिरफ्तार, आरपीएससी परीक्षा घोटाले में बड़ी कार्रवाई
नकल माफिया पर वार: RPSC 2015 भर्ती घोटाले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार
राजस्थान SOG ने 2015 कनिष्ठ लेखाकार परीक्षा में ब्लूटूथ से नकल कराने वाले शातिर अपराधी नवलकिशोर मीणा को धर दबोचा है। 4 जून 2026 को हुई इस गिरफ्तारी के साथ ही अब तक 22 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। यह गिरोह मोबाइल और हाईटेक डिवाइस के जरिए परीक्षा केंद्रों पर उत्तर पहुँचाने का काम करता था।
जयपुर। राजस्थान में वर्ष 2015 में आयोजित आरपीएससी की बहुचर्चित भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ के जरिए नकल कराने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एसओजी पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी नवलकिशोर मीणा (40) को 4 जून 2026 को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी दौसा जिले के मण्डावरी थाना क्षेत्र के खानपुर गांव का निवासी है। यह मामला प्रकरण संख्या 06/2015 के तहत धारा 420, 120बी भादसं एवं राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों पर रोक) अधिनियम 1992 की धाराओं में दर्ज है।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) द्वारा 2 अगस्त 2015 को कनिष्ठ लेखाकार एवं तहसील राजस्व लेखाकार भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें एक संगठित गिरोह ने हाईटेक तरीके से बड़े स्तर पर नकल करवाई थी। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य बाड़मेर, जालौर, जोधपुर समेत विभिन्न स्थानों पर बैठकर परीक्षा शुरू होने के बाद मोबाइल फोन के माध्यम से प्रश्नपत्र हासिल करते थे। इसके बाद विषय विशेषज्ञों से प्रश्न हल करवाकर ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए परीक्षा केंद्रों पर मौजूद अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाए जाते थे।
पुलिस के अनुसार, अब तक इस गिरोह से जुड़े कुल 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें मोहनलाल विश्नोई (जोधपुर), जगदीश ज्याणी, जगदीश विश्नोई, ओमप्रकाश ढाका, जोगाराम जाट, पम्माराम विश्नोई, रामनिवास विश्नोई, मनोहरलाल सुथार और हरीराम विश्नोई सहित कई अन्य आरोपी शामिल हैं।

Comment List