जयपुर में थ्री डिजिट घोटाला : 2129 वाहनों के रिकॉर्ड में छेड़छाड़ करने वाला कर्मचारी गिरफ्तार, 40 कर्मचारी और ठेकेदार नामजद
RTO घोटाला: जयपुर में फर्जीवाड़े का बड़ा पर्दाफाश
जयपुर के RTO प्रथम कार्यालय में बैकलॉग एंट्री के दुरुपयोग से पंजीयन नंबरों के बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपी कर्मचारी जहांगीर खान को गिरफ्तार किया है। जांच में 2129 वाहनों के रिकॉर्ड में छेड़छाड़, चेसिस नंबर बदलने और गायब फाइलों जैसी गंभीर अनियमितताएं मिली हैं, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।
जयपुर। गांधी नगर थाना इलाके RTO प्रथम कार्यालय में पुराने वाहनों के तीन अंकों वाले पंजीयन नंबरों से जुड़े बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। बैकलॉग एंट्री सिस्टम के दुरुपयोग से हजारों वाहनों के रिकॉर्ड में कथित छेड़छाड़ की गई, जिसके चलते पुलिस ने एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है और जांच का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। समाचार: गांधी नगर थाना पुलिस ने इस मामले में RTO कार्यालय के बाबू जहांगीर खान को गिरफ्तार किया है, जो झोटवाड़ा के संजय नगर का निवासी है। गिरफ्तारी के बाद कार्यालय में हड़कंप मच गया और कई कर्मचारी मौके से गायब हो गए। पुलिस की कार्रवाई विभागीय रिपोर्ट और शुरुआती जांच में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के आधार पर की गई है।
जांच में सामने आया कि बैकलॉग एंट्री सिस्टम का इस्तेमाल कर बिना मूल दस्तावेजों के वाहनों के पंजीयन दर्ज किए गए। कई समाप्त हो चुके नंबरों को फिर से सक्रिय कर दिया गया, जबकि वाहन विवरणों में नियमों के विरुद्ध बदलाव किए गए। कुल 2129 वाहनों की जांच में 317 मामलों में मूल रिकॉर्ड ही नहीं मिले, वहीं कई फाइलें क्षतिग्रस्त या पढ़ने योग्य नहीं थीं। रिपोर्ट के अनुसार 701 वाहनों के चेसिस नंबर बदले गए, 371 की पंजीयन तिथियों में संशोधन किया गया और 26 मामलों में स्वामित्व बदल दिया गया। इसके अलावा 18 वाहनों की श्रेणी बदली गई, जबकि 74 मामलों में चेसिस नंबर, तिथि और मालिकाना—तीनों में एक साथ बदलाव पाए गए। इस मामले में अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी प्रकाश स्वामी की ओर से 4 जनवरी को दर्ज एफआईआर में करीब 40 कर्मचारियों और ठेकेदारों को नामजद किया है।

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