UCC पर जनता से मांगे 19 सवालों के जवाब, लिव-इन रजिस्ट्रेशन और समान तलाक कानून पर भी राय
11 जुलाई को होगी जनसुनवाई
जयपुर। राजस्थान सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का मसौदा तैयार करने से पहले आमजन से सुझाव लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत ऑनलाइन पोर्टल और संभाग स्तरीय जनसुनवाई के माध्यम से 19 महत्वपूर्ण सवालों पर लोगों की राय मांगी जा रही है। प्राप्त सुझावों के आधार पर यूसीसी विधेयक का ड्राफ्ट तैयार कर आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा। सुझावों में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, वसीयत, संपत्ति अधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विषय शामिल हैं।
लोगों से पूछा गया है कि क्या लिव-इन में रहने वाले जोड़ों का पंजीकरण अनिवार्य होना चाहिए, संबंध समाप्त होने पर तलाक जैसे अधिकार मिलें और भरण-पोषण व उत्तराधिकार के समान प्रावधान लागू किए जाएं। साथ ही सभी समुदायों के लिए समान तलाक कानून, संपत्ति अधिकार और बहुविवाह जैसे मुद्दों पर भी राय मांगी गई है। सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति संभाग मुख्यालयों पर जनसुनवाई भी कर रही है। जयपुर में 10 और 11 जुलाई को जनसुनवाई होगी, जबकि अन्य संभागों में भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुझाव लिए जाएंगे। राज्य सरकार ने यूसीसी पर सुझाव देने के लिए विशेष पोर्टल उपलब्ध कराया है। नागरिक 25 जुलाई तक ऑनलाइन अपने सुझाव दर्ज कर सकते हैं। पोर्टल पर मोबाइल या जनआधार के माध्यम से लॉगिन कर लगभग पांच मिनट में सभी 19 सवालों के जवाब दिए जा सकते हैं।

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