पाक आतंकी शहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क पर एटीएस का शिकंजा, 20 से ज्यादा शहरों में छापेमारी
छापेमारी के दौरान 28 संदिग्धों को हिरासत में
जयपुर। राजस्थान में एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) ने शुक्रवार को सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेश के 20 से ज्यादा शहरों में एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी से जुड़े लोगों और उसके संपर्क में आए संदिग्धों की तलाश में की गई। छापेमारी के दौरान 28 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जबकि बाड़मेर से 20 साल के एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। एटीएस के अनुसार शहजाद भट्टी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को अपने संपर्क में लाता है। आरोप है कि वह ऑनलाइन गेम, पैसों और गैंगस्टर ग्लैमर का लालच देकर युवाओं से दोस्ती करता है। इसके बाद उनसे संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें और अन्य जानकारी मंगवाने का प्रयास करता है। जांच एजेंसियों के अनुसार, उसके संपर्क में आने वाले अधिकांश युवा भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे जिलों से जुड़े पाए गए हैं।
जयपुर में भी एटीएस ने अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की। जानकारी के अनुसार, जयपुर से भी कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
इनके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, ऑनलाइन गतिविधियों और संदिग्ध संपर्कों की जांच की जा रही है। बाड़मेर जिले के गागरिया गांव से एटीएस ने एक युवक बशीर पुत्र आमद खान को हिरासत में लिया था। रामसर थाने में पूछताछ के बाद एटीएस की सूचना पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। दावा है कि बशीर शहजाद भट्टी के लगातार संपर्क में था। पुलिस और एटीएस अब उसके मोबाइल, सोशल मीडिया चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार एटीएस लंबे समय से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शहजाद भट्टी को फॉलो करने वाले और उससे संपर्क में रहने वाले लोगों पर नजर रख रही थी। एटीएस की शुक्रवार की छापेमारी में ऐसे ही संदिग्धों को हिरासत में लेने की जानकारी है। जांच एजेंसियों का मानना है कि भट्टी का नेटवर्क राजस्थान के साथ हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक फैला हो सकता है।
स्लीपर सेल की आशंका
राजस्थान में भट्टी के स्लीपर सेल सक्रिय होने की आशंका भी जताई जा रही है। बीते करीब छह महीने से सुरक्षा एजेंसियां जैसलमेर, श्रीगंगानगर, बाड़मेर, बीकानेर सहित सीमावर्ती जिलों में उसके नेटवर्क को खंगाल रही हैं। आशंका जताई जा रही है कि राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में उसके संपर्क सक्रिय हैं और हवाला के जरिए उन्हें पैसा पहुंचाया जा रहा है। इस धन का उपयोग भारत विरोधी गतिविधियों में किए जाने की आशंका की जांच की जा रही है।

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