भजनलाल आज हरियाणा के साथ करेंगे एमओए, 32 साल बाद यमुना से राजस्थान पहुंचेगा पानी
पाइपलाइन से पानी आने में 33379 करोड़ होंगे खर्च
जयपुर। राजस्थान में 32 साल के इंतजार के बाद यमुना से राजस्थान के शेखावटी के तीन जिलों चूरू, झुंझुनूं और सीकर में पानी आने के सपने को सोमवार को पंख लग जाएंगे। सीएम भजनलाल शर्मा दिल्ली में हरियाणा के साथ सोमवार को 11.30 बजे यमुना जल समझौते के तहत प्रदेश के हिस्से के पानी मिलने के एमओए पर हस्ताक्षर करेंगे। इस दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहेंगे। पानी लाने के लिए प्रदेश सरकार 33,379 करोड़ रुपए खर्च करेगी। हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज या ताजेवाला हैड से इन जिलों में पाइपलाइन से पानी लाया जाएगा। इसके लिए 265-325 किमी तक की पाइपलाइन बिछेगी। पानी के लिए किसानों की अवाप्त होने वाली जमीन का उन्हें करीब 3900 करोड़ का मुआवजा भी दिया जाएगा।
यमुना जल समझौते पर एक नजर
राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल समझौता मुख्य रूप से 12 मई 1994 को ऊपरी यमुना नदी बोर्ड के तहत हुआ था। जिसमें यमुना नदी, ओखला बैराज तक के पानी का बंटवारा तय किया गया था। राजस्थान को कुल 1.119 बिलियन क्यूबिक मीटर या लगभग 577 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी जुलाई से अक्टूबर यानी मानसून सीजन में देने का फैसला हुआ था। वर्ष 1994 से 2026 तक राजनीतिक पेचीदगियों में यह अटका रहा। प्रदेश में भजनलाल सरकार बनने के बाद 17 फरवरी 2024 को हरियाणा और राजस्थान के बीच एमओयू साइन हुआ।
पानी कैसे आएगा
पानी हथिनीकुंड बैराज से शेखावाटी क्षेत्र के तीन जिलों चूरू, झुंझुनूं, सीकर तक पाइपलाइन से आएगा। पाइपलाइन भूमिगत होगी। इसकी डीपीआर पहले ही तैया हो चुकी है। जिसमें केंद्रीय जल आयोग भी शामिल रहा है।

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