BJP ने करौली मामले में राज्यपाल को दिया ज्ञापन, डीजीपी को तलब करके कार्रवाई की मांग
13 तारीख को युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्य आकर आंदोलन करेंगे।
करौली में हुए उपद्रव पर डीजीपी को तलब कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
जयपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के नेतृत्व में सोमवार को भाजपा के 17 नेताओं का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल कलराज मिश्र से मिला और उन्हें ज्ञापन देकर करौली में हुए उपद्रव पर डीजीपी को तलब कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। करौली में हो रहे बहुसंख्यक वर्ग के पलायन को रोकने घटना के दोषियों को गिरफ्तार करने और जिन लोगों का नुकसान हुआ है उन्हें आर्थिक मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग भी राज्यपाल से की है। ज्ञापन देने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के साथ नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ,राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा सहित सहित पूर्वी राजस्थान के सांसद और विधायक भी गए। ज्ञापन के बाद भाजपा नेताओं ने पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। पूनिया ने पत्रकार वार्ता में कहा कि करोली की चर्चा पूरे देश भर में है। जिस तरीके की चर्चा है, उसे राजस्थानी शर्मसार हुआ है।
कांग्रेस पार्टी का तुष्टीकरण
सरकार के संरक्षण में करौली की घटना से कांग्रेस पार्टी का तुष्टीकरण का नकाब उजागर हुआ है। इस घटनाक्रम में कांग्रेस की नीति और नियत को साफ कर दिया है। कांग्रेस पार्टी का दोहरा चरित्र है, इस तरीके से तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं । पहले भी हिजाब की घटना हुई। सिमी का प्रतिरूप पीएफ आई जो देश के खिलाफ गतिविधियों में लिप्त है, कोटा में उन्हें रैली की परमिशन दी गई। रामनवमी के जुलूस पर प्रतिबंध लगाया गया। जिलों में धारा 144 लगाई गई । आम लोगों और पार्टी के कार्यकर्ताओं को टारगेट करके 107 और 116 के नोटिस दिए गए। मुख्यमंत्री के पास इस बातों का कोई जवाब नहीं है। समिति ने पूरी जांच की और किरोड़ी लाल मीणा ने हम परिवारों को चिन्हित किया जो पलायन किए। मुख्य लोग अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। झूठे लोग पर मुकदमा कर इस घटना को दबाने की कोशिश की जा रही है ।जेपी नड्डा आए पार्टी की बैठक को संबोधित किया। और दंगा भड़का कर चले गए, ऐसा बयान वही दे सकते है, जो तुष्टिकरण की राजनीति करते है। प्रदेश के अनेक हिस्सों में कुछ कार्यकर्ताओं और आम लोगों पर राजद्रोह तक के मुकदमे दर्ज हैं प्रतिशोध की राजनीति तुष्टीकरण की राजनीति कांग्रेस और कांग्रेस का एजेंडा है। 17 लोगों का प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से आग्रह किया कि वह पुलिस महानिदेशक को तलब कर राजस्थान की शांति व्यवस्था को कायम स्थापित हो सके। दोषियों को दंड दे उनकी संवैधानिक भूमिका हो सकती है, इस भूमिका के लिए न्याय मांगने गए थे। करौली का घटनाक्रम और उसके बाद की जानकारियां अलग-अलग पक्षों से आती रही है।
करौली का वातावरण पूरे राजस्थान के दूषित करेगा: राठौड़
राजेन्द्र राठौर ने कहा आईजी और जिला प्रशासन कुछ और वीडियो दीजिए इस वीडियो में जो किरदार आ रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई करें और वहां दुकानदारों की दुकान जली। वे उनकी सरकार में f.i.r. तक दर्ज नहीं हो रही है। 156 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। यह वातावरण करौली में बना हुआ है। अपने वोट बैंक को सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार का वातावरण बना रहे हैं । सरकार ने 9 जिलों में धारा 144 लगाई। करौली का वातावरण पूरे राजस्थान के दूषित करेगा।
13 तारीख को आंदोलन
13 तारीख को युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्य आकर आंदोलन करेंगे। अब भाजपा इस तानाशाही को बर्दाश्त नहीं करेंगी। डॉ किरोड़ीलाल मीणा ने बताया कि करौली में लोगों का पलायन हो रहा है। 195 लोग ऐसे हैं जिन्होंने अपना इलाका खाली कर देना। उनके मकानों पर भी कब्जा हो गया है ।इस घटना के बाद 7 लोग 3 दिन पहले पलायन कर गए। 195 लोगों में 90% जाटव दलित समाज के लोग है। स्थानीय कांग्रेस के नेता और प्रशासन उनको डरा धमका रहे हैं ताकि सरकार की हकीकत सामने नहीं आए कि लोग पलायन कर रहे हैं। मतलून अहमद कांग्रेस का पार्षद है। सबसे बड़ा सटोरिया अपराधी खुलेआम घूम रहाहै। जिन्होंने गंभीर अपराध किया उनको आज तक गिरफ्तार नहीं किया, निर्दोष लोगों को गिरफ्तार करके पुलिस भय का वातावरण बना रही है ।पीएफआई ने 2 दिन पहले मुख्यमंत्री और डीजे को पत्र लिख दिया था, उन्हें दो दिन पहले कैसे पता लग गया था की रैली निकालेंगे तो घटना होगी। पीएफआई को कोरोना में रैली निकालने के लिए परमिशन दे देती है। हिंदू धर्मिक आयोजनों पर तो सरकार ने रोक लगा दी थी। अकेले हिंडौन में 652 नोटिस दिए गए। हिंडौन में लोग भय के कारण रामनवमी नहीं मना सकते अन्याय की पराकाष्ठा है । मुख्यमंत्री खुद जिम्मेदार है इसको लेकर पूरे राजस्थान को भयभीत कर दिया है।

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