बुक ‘चिंग तम अमत्तनि’ का लोकार्पण, साहित्यकारों ने की काव्य-संग्रह की चर्चा
एकता का संदेश देती ‘चिंग तम अमत्तनि’
राजस्थान समग्र सेवा संघ के शारदा पुस्तकालय सभागार में गुरुवार को वरिष्ठ साहित्यकार दयाराम वर्मा के काव्य-संग्रह चिंग तम अमत्तनि का लोकार्पण हुआ।फारूक आफरीदी ने कविताओं में मानवीय सरोकारों की गहरी मौजूदगी बताई।
जयपुर। राजस्थान समग्र सेवा संघ के शारदा पुस्तकालय सभागार में गुरुवार को वरिष्ठ साहित्यकार दयाराम वर्मा के काव्य-संग्रह चिंग तम अमत्तनि का लोकार्पण हुआ। इस मौके पर कृति-चर्चा भी आयोजित की गई साहित्यकार हरिराम मीणा ने कहा कि विचार के बिना कविता संभव नहीं है। नंद भारद्वाज ने कहा कि कवि ने मणिपुर और देश के हालात में एक जागरूक नागरिक की पीड़ा को बखूबी व्यक्त किया है। फारूक आफरीदी ने कविताओं में मानवीय सरोकारों की गहरी मौजूदगी बताई।
वक्ताओं के अनुसार शीर्षक का आशय है कि मणिपुर की पहाड़िया और घाटियाँ मिलकर एक भूभाग बनाती हैं, उनके बीच कोई विभाजन नहीं है। दयाराम वर्मा ने कहा कि वायु सेना, बैंकिंग सेवा और यात्राओं के अनुभवों ने उनकी संवेदना को गढ़ा। वे तटस्थ रहने के पक्ष में नहीं हैं। संचालन कविता मुखर ने किया। कई रचनाकार और शोधार्थी मौजूद रहे।
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