लॉजिस्टिक्स सेक्टर में निरंतर सुधार से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धात्मकता, लागत में आएगी कमी : साई श्रीधर
व्यक्ति और संगठन दोनों अधिक सजग
जयपुर। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित लॉजिस्टिक्स कॉन्क्लेव के पहले संस्करण में देश के प्रमुख उद्योग विशेषज्ञों ने लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन क्षेत्र में निरंतर सुधार, नवाचार और दक्षता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इस दौर में उद्योगों को लागत कम करने, समय बचाने, गुणवत्ता सुधारने और पर्यावरणीय दायित्वों को निभाने के लिए लॉजिस्टिक्स प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाना होगा। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए सीआईआई–इंस्टीट्यूट ऑफ लॉजिस्टिक्स के प्रिंसिपल काउंसलर साई श्रीधर एच ने कहा कि भारत का लॉजिस्टिक्स क्षेत्र अभी भी समय, लागत, माल की हैंडलिंग और सुरक्षा जैसी कई चुनौतियों से जूझ रहा है।
इन चुनौतियों का सीधा प्रभाव ग्राहक सेवा की गुणवत्ता, कंपनियों की लाभप्रदता और आउटसोर्सिंग क्षमता पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि सीआईआई का ‘लॉजिस्टिक्स काइज़ेन एक्टिवेशन’ कार्यक्रम जापान की प्रसिद्ध ‘काइज़ेन’ कार्यप्रणाली पर आधारित है, जो निरंतर सुधार और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान विकसित करने पर केंद्रित है। उन्होंने बताया कि काइज़ेन केवल एक प्रबंधन प्रणाली नहीं बल्कि एक व्यवहारिक परिवर्तन की प्रक्रिया है। इसे नियमित रूप से अपनाने पर व्यक्ति और संगठन दोनों अधिक सजग, सक्रिय और सुधारोन्मुख बनते हैं।

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