राजस्थान विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह : राधाकृष्णन ने छात्रों को दिया निरंतर आगे बढ़ते रहने का संदेश, हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही बेटियां
शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं होनी चाहिए
विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि प्रदेश की कला-संस्कृति देश में विशिष्ट पहचान रखती है। स्वर्ण पदक विजेताओं को बधाई देते हुए उन्होंने मेहनत, अनुशासन और समर्पण को सफलता का मंत्र बताया। छात्राओं की उपलब्धियों की सराहना कर उन्हें देश का उज्ज्वल भविष्य बताया और शिक्षा को राष्ट्र निर्माण से जोड़ा।
जयपुर। सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि राजस्थान की कला और संस्कृति की अपनी अलग पहचान है, जो पूरे देश में विशिष्ट स्थान रखती है। वे शनिवार को राजस्थान विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उपराष्ट्रपति ने स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उनकी मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर आगे बढ़ते रहने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसका उद्देश्य समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देना भी होना चाहिए।
अपने संबोधन में उन्होंने छात्राओं की उपलब्धियों की विशेष सराहना की और कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। यह समाज के लिए गर्व की बात है और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग सकारात्मक दिशा में करें और देश की प्रगति में योगदान दें। समारोह के दौरान उनका संबोधन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ।

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