नीरजा मोदी स्कूल की एक से आठवीं तक की मान्यता का फैसला फाइलों में अटका, 5000 छात्रों का भविष्य अधर में
अधिकांश अभिभावकों ने इस फैसले को गलत करार दिया
अमायरा मौत प्रकरण के बाद चर्चित नीरजा मोदी स्कूल की कक्षा एक से आठवीं तक की मान्यता निरस्त करने का मामला शिक्षा विभाग की फाइलों में अटक गया। सीबीएसई के दसवीं और 12वीं कक्षा की मान्यता दो साल के लिए निरस्त करने के बाद अब राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर लोगों की निगाहें टिकी हुई।
जयपुर। अमायरा मौत प्रकरण के बाद चर्चित नीरजा मोदी स्कूल की कक्षा एक से आठवीं तक की मान्यता निरस्त करने का मामला शिक्षा विभाग की फाइलों में अटक गया। सीबीएसई के दसवीं और 12वीं कक्षा की मान्यता दो साल के लिए निरस्त करने के बाद अब राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि शिक्षा मंत्री जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगामी दिनों में मान्यता निरस्त करने पर फैसला लेंगे। उसके बाद विभागीय आदेश जारी होंगे।
आरटीई से हुए प्रवेश वाले विद्यार्थी पशोपेश में: नीरजा मोदी स्कूल में भी शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के तहत काफी बच्चों का कक्षा एक से आठवीं तक प्रवेश मिला हुआ है। आरटीई में प्रवेश मिलने पर उसी स्कूल में पढ़ाई करना जरूरी होता है, ऐसे में शिक्षा विभाग ने स्कूल की मान्यता निरस्त की तो इन विद्यार्थियों के नाम भी स्कूल से कट जाएंगे और उन्हें आगामी कक्षाओं में पढ़ाई के लिए आरटीई में नए सिरे से आवेदन करना होगा। आरटीई नियमों के तहत प्रवेश के बाद स्कूल छोड़ने पर आरटीई के नियम खुद ही समाप्त हो जाते हैं। लिहाजा आरटीई से प्रवेश वाले विद्यार्थी और उनके परिजन भी पशोपेश में हैं। नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद्द करने के बाद 5000 छात्रों का भविष्य अधर में हो गया। उनके अभिभावक भी काफी परेशान है। हांलाकि उन्होंने दूसरी स्कूलें ढूंढना चालू कर दिया है, लेकिन वे सीबीएसई के फैसले से नाखुश हैं। अधिकांश अभिभावकों ने इस फैसले को गलत करार दिया है।

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