आमेर महल के संरक्षण और सुविधाओं पर फोकस : मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने किया निरीक्षण, पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दिए विकास के निर्देश
सुविधाओं के विकास के लिए ₹25.5 करोड़ का प्रोजेक्ट
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने आमेर महल का निरीक्षण कर चल रहे ₹25.5 करोड़ के संरक्षण कार्यों का जायजा लिया। महल में सालाना रिकॉर्ड 22.82 लाख पर्यटक (2.70 लाख विदेशी) पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए मुख्य सचिव ने पार्किंग, रास्तों और मूल ऐतिहासिक स्वरूप को बनाए रखते हुए बुनियादी सुविधाएं मजबूत करने के निर्देश दिए।
जयपुर। राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थल आमेर महल में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य सरकार ने सुविधाओं और संरक्षण कार्यों को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने रविवार को आमेर महल का भ्रमण कर चल रहे विकास एवं संरक्षण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले आमेर की आराध्य देवी शिला माता के दर्शन किए और इसके बाद महल परिसर का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वर्षभर में आमेर महल में करीब 22.82 लाख पर्यटक पहुंचे, जिनमें 2.70 लाख विदेशी पर्यटक शामिल रहे। प्रतिदिन औसतन 6,270 पर्यटकों की आवाजाही को देखते हुए मुख्य सचिव ने पार्किंग, शौचालय और आमेर तक पहुंचने वाले रास्तों को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने 25.5 करोड़ रुपए की लागत से चल रहे पार्किंग विकास, खेड़ी गेट रोड और अन्य संरक्षण कार्यों का निरीक्षण कर संतोष जताया। मानसिंह महल और शीशमहल में चल रहे संरक्षण कार्यों की सराहना करते हुए मूल स्वरूप बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। साथ ही डिजिटल संग्रहालय और गाइड प्रशिक्षण को लेकर भी आवश्यक निर्देश प्रदान किए। इस दौरान पुरातत्व विभाग के निदेशक डॉ पंकज धरेंद्र, पर्यटन विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर राकेश शर्मा, आमेर महल अधीक्षक डॉ राकेश छोलक, आमेर विकास एवं प्रबंधन प्राधिकरण के कार्यकारी निदेशक (कार्य) एवं गाइड महेश शर्मा मौजूद रहे।

Comment List