जयपुर वैक्स म्यूजियम, नाहरगढ़ किले में विश्व संग्रहालय दिवस पर नई पहल की घोषणा
जयपुर वैक्स म्यूजियम का कायाकल्प
विश्व संग्रहालय दिवस पर नाहरगढ़ किले में स्थित जयपुर वैक्स म्यूजियम को अत्याधुनिक तकनीक से अपग्रेड करने की घोषणा की गई है। अगस्त 2026 से पर्यटक हाड़ी रानी के त्याग और किले के इतिहास पर आधारित VR फिल्में और लाइव सेट देख सकेंगे। इसके साथ ही प्रसिद्ध शीश महल में ऑटोमेशन लाइटिंग भी शुरू की जाएगी।
जयपुर। विश्व संग्रहालय दिवस के अवसर पर जयपुर वैक्स म्यूजियम, नाहरगढ़ किले ने पर्यटकों के अनुभव को नई ऊंचाई देने की घोषणा की है। म्यूजियम अब केवल वैक्स की प्रतिमाएं नहीं, बल्कि फिल्म और लाइव वर्चुअल सेट के साथ कहानियां भी दिखाएगा। म्यूजियम के फाउंडर डायरेक्टर अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि आज के पर्यटक सिर्फ मूर्ति देखना नहीं चाहते। वे उसे महसूस करना चाहते हैं, वर्चुअल रियलिटी के साथ अनुभव लेना चाहते हैं। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए हम अपने म्यूजियम को नई और अत्याधुनिक तकनीक से अपग्रेड कर रहे हैं। यह राजस्थान सरकार और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी जी के विजन के अनुरूप है। मंत्री जी ने पिछले साल म्यूजियम का दौरा किया था और हमने उन्हें वादा किया था कि जयपुर वैक्स म्यूजियम को नई तकनीक से समृद्ध किया जाएगा।
इस पहल की शुरुआत हाड़ी रानी की वैक्स प्रतिमा के साथ होगी। इसके लिए विशेष रूप से 10 मिनट की फिल्म बनाई गई है। पर्यटक 22 सीटों वाले थिएटर में न सिर्फ हाड़ी रानी की मूर्ति देखेंगे, बल्कि उनके त्याग, समर्पण, प्रेम और देशभक्ति की कहानी भी समझेंगे। फिल्म की पोस्ट प्रोडक्शन का काम मुंबई में तेजी से चल रहा है। संग्रहालय नाहरगढ़ किले के इतिहास पर भी एक विशेष फिल्म तैयार कर रहा है। इसमें बताया जाएगा कि किले को क्यों और कैसे बनाया गया, निर्माण के समय किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, साथ ही सवाई जय सिंह जिन्होंने किले का निर्माण पूरा किया, सवाई माधो सिंह जिन्होंने 9 रानियों का महल बनवाया और नाहर सिंह का भी जिक्र किया जाएगा। इससे नाहरगढ़ आने वाले पर्यटकों को किले की पूरी कहानी समझने में मदद मिलेगी।
आने वाले पर्यटन सीजन से कुछ वैक्स प्रतिमाओं के लिए VR फिल्में भी बनाई जा रही हैं, ताकि पर्यटक अनुभव को और बेहतर तरीके से ले सकें। अनूप श्रीवास्तव ने कहा कि अगस्त के पहले हफ्ते तक ये सभी बदलाव पर्यटकों को देखने को मिल जाएंगे। अनूप श्रीवास्तव ने कहा कि देश में कई साधारण वैक्स म्यूजियम खुले हैं, लेकिन जयपुर वैक्स म्यूजियम देश का एकमात्र म्यूजियम है जो 300 साल पुराने धरोहर किले के भीतर स्थित है। यहां लाइव सेट, साउंड और कहानियों के साथ वैक्स की प्रतिमाएं रखी गई हैं, जिसने इसे देश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का दर्जा दिलाया है।
रॉयल फिगर्स और शीश महल जयपुर वैक्स म्यूजियम की खास पहचान हैं। शीश महल में 25 लाख से ज्यादा कांच के टुकड़े और ठिकरी काम के साथ शुद्ध सोने का प्रयोग किया गया है। इसके अलावा पर्यटकों के अनुभव को और बढ़ाने के लिए शीशमहल की लाइटिंग के ऑटोमेशन पर काम चल रहा है जिससे पर्यटकों को अलग-अलग प्रकार की लाइटिंग से शीशमहल को देखने का एक अद्भुत अनुभव प्राप्त होगा साथ ही वैक्स म्यूजियम के बाहरी एरिया को भी कलरफुल एलईडी लाइट्स से सुसज्जित किया जाएगा जिससे रात में भी पर्यटकों को एक अलग अनुभव प्राप्त हो। यही विशेषताएं जयपुर वैक्स म्यूजियम को जयपुर में एक अनिवार्य दर्शनीय स्थल बनाती हैं।

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