हाईकोर्ट की जेडीए की कार्य प्रणाली पर टिप्पणी : ठेके और प्रतिनियुक्ति पर चल रहा जेडीए, कहा- लोगों को नहीं मिल रही मूलभूत सुविधाएं
अधिकारी आते हैं और चले जाते हैं
राजस्थान हाईकोर्ट ने जेडीए की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि 90 फीसदी कर्मचारी ठेके और प्रतिनियुक्ति पर हैं, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है। अदालत ने अतिक्रमण और बुनियादी सुविधाओं की कमी पर चिंता जताई तथा जेडीसी को 5 फरवरी को पेश होने के आदेश दिए।
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने जेडीसी की मौजूदगी में जेडीए की कार्य प्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जेडीए में 90 फीसदी लोग ठेके और प्रतिनियुक्ति पर लगे हुए हैं। अधिकारी आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन जेडीए में कोई प्रभावी काम नहीं हो रहा है। कई कर्मचारियों पर कार्रवाई के मामले चल रहे हैं, लेकिन उनमें भी कुछ नहीं हो रहा। जेडीए में कई रिटायर कर्मचारी भी काम कर रहे हैं।
अदालत ने कहा कि शहर में अतिक्रमण हो रहे हैं और लोगों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही है। इसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड रहा है। इसके साथ ही अदालत ने जेडीसी को पांच फरवरी को पेश होने के आदेश दिए हैं। एक्टिंग सीजे संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश द्रव्यवती नदी के विकास सहित अन्य याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।

Comment List