डायरेक्ट सेलिंग कंपनियों और विक्रेताओं को नियम मानने के निर्देश, ग्राहकों को मिलेगा ज्यादा संरक्षण
ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कारोबार
जयपुर। केंद्र सरकार ने डायरेक्ट सेलिंग (प्रत्यक्ष बिक्री) के माध्यम से सामान और सेवाएं बेचने वाली कंपनियों तथा उनके विक्रेताओं को उपभोक्ता संरक्षण नियमों का पूरी तरह पालन करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहकों के साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी, भ्रामक प्रचार या गलत जानकारी देकर बिक्री न की जाए। उपभोक्ता संरक्षण (प्रत्यक्ष बिक्री) नियम, 2021 के तहत कंपनियों को अपने उत्पादों, कीमतों, रिफंड नीति और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी ग्राहकों को देनी होगी। साथ ही ग्राहकों की शिकायतों का समय पर समाधान करना भी उनकी जिम्मेदारी होगी। सरकार ने कहा है कि कोई भी कंपनी या विक्रेता उत्पादों के बारे में बढ़ा-चढ़ाकर दावे नहीं कर सकता और न ही ग्राहकों को खरीदारी के लिए गुमराह कर सकता है। प्रत्यक्ष बिक्री से जुड़े लोगों को ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कारोबार करना होगा।
सामान्य दुकानदारों और उपभोक्ताओं के लिए यह नियम इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इससे बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा और ग्राहकों का भरोसा मजबूत होगा। अब उपभोक्ताओं को खरीदारी के दौरान अधिक जानकारी और बेहतर शिकायत निवारण की सुविधा मिल सकेगी। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों और विक्रेताओं के खिलाफ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। सरकार का मानना है कि इन नियमों के प्रभावी पालन से डायरेक्ट सेलिंग क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी, उपभोक्ताओं के अधिकार सुरक्षित होंगे।

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