जयपुर आर्ट वीक : शहर भर में कला, संवाद और सृजन का संगम, युवा कलाकारों की प्रक्रिया-आधारित कला प्रदर्शित
पाटी मुख्यालय में कलाकार और क्यूरेटर वॉकथ्रू आयोजित
पब्लिक आर्ट्स ट्रस्ट ऑफ इंडिया की ओर से जयपुर आर्ट वीक के पांचवें संस्करण का मंगलवार को सेंट्रल पार्क में शुरुआत। इस सात दिवसीय कला महोत्सव के पहले दिन की शुरुआत सेंट्रल पार्क में आयोजित कलाकार वॉकथ्रू से हुई, जहां तीन प्रमुख सार्वजनिक कला कृतियों को शोकेस किया गया।
जयपुर। पब्लिक आर्ट्स ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पाटी) की ओर से जयपुर आर्ट वीक के पांचवें संस्करण का मंगलवार को सेंट्रल पार्क में शुरुआत हुई। इस सात दिवसीय कला महोत्सव के पहले दिन की शुरुआत सेंट्रल पार्क में आयोजित कलाकार वॉकथ्रू से हुई, जहां तीन प्रमुख सार्वजनिक कला कृतियों को शोकेस किया गया। गीगी स्कारिया की कृति ऐजसेंड टुवर्ड्स द अननोन तकनीकी प्रगति और उससे जुड़े नैतिक प्रश्नों पर केंद्रित रही। पूजन गुप्ता की ए सैक्रेड वॉक दवाइयों के ब्लिस्टर पैक से निर्मित एक इंस्टॉलेशन प्रस्तुत किया। विभिन्न स्थलों पर वॉकथ्रू और चर्चाओं का हुआ आयोजन: इसके बाद पाटी मुख्यालय में कलाकार और क्यूरेटर वॉकथ्रू आयोजित किया गया।
यहां अदिति अग्रवाल ने डिजिटल प्रदर्शनी हेयर एंड नाउ के अंतर्गत अपनी कृति ऐज राइज: द पिलर स्काई प्रस्तुत की, साथ ही मटेरियल इन मोशन समूह प्रदर्शनी का क्यूरेटोरियल वॉकथ्रू भी हुआ, जिसमें युवा कलाकारों की प्रक्रिया-आधारित कला प्रदर्शित की गईं। दोपहर के सत्रों में एक म्यूजियम में माया कुमारी सुथार की प्रदर्शनी द डेजर्ट लैंड का वॉकथ्रू आयोजित हुआ। जिसमें थार मरुस्थल के इतिहास को व्यक्तिगत स्मृतियों और औपनिवेशिक अभिलेखों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इसके बाद शोध-आधारित कला प्रक्रियाओं पर संवाद हुआ। जवाहर कला केंद्र स्थित अलंकार गैलरी में प्रदर्शनी अंधा युग का वॉकथ्रू अनिता दूबे द्वारा तारिक अल्लाना के साथ संवाद में प्रस्तुत किया गया।

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