दिन में पतंगों का आसमां से संवाद : शाम को लालटेन उत्सव, 14 जनवरी को लोक संस्कृति, पतंगबाजी और आतिशबाजी का दिखेगा अनूठा संगम
रंगों से सजी यह आतिशबाजी काइट फेस्टिवल का प्रमुख आकर्षण होगी
पर्यटकों के आकर्षण के लिए पारंपरिक व्यंजनों का नि:शुल्क वितरण किया जाएगा। दिनभर के सांस्कृतिक और पारंपरिक उत्सव के बाद शाम 6.30 बजे से आयोजन का दूसरा चरण प्रारंभ होगा।
जयपुर। पर्यटन विभाग की ओर से 14 जनवरी को काइट फेस्टिवल-2026 आयोजित होगा। पर्यटन आयुक्त रूकमणी रियाड़ के अनुसार इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी भी सहभागिता करेंगी। विभाग के उपनिदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत के अनुसार बुधवार को होने वाले इस उत्सव का एक दिवसीय कार्यक्रम सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक जलमहल की पाल, आमेर रोड, जयपुर पर होगा। इससे पहले सोमवार को जलमहल की पाल पर आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। कार्यक्रम के अंतर्गत लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
पर्यटकों के आकर्षण के लिए पारंपरिक व्यंजनों का नि:शुल्क वितरण किया जाएगा। दिनभर के सांस्कृतिक और पारंपरिक उत्सव के बाद शाम 6.30 बजे से आयोजन का दूसरा चरण प्रारंभ होगा। इस दौरान लालटेन उड़ाने का विशेष कार्यक्रम होगा। इसे लालटेन उत्सव नाम दिया गया है। इसके बाद हवामहल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में आतिशबाजी की जाएगी। गुलाबी शहर के आसमान में रोशनी और रंगों से सजी यह आतिशबाजी काइट फेस्टिवल का प्रमुख आकर्षण होगी।
दैनिक नवज्योति ने पहले ही बताया था इस बार खास होगा फेस्टिवल
इससे पहले दैनिक नवज्योति ने 9 जनवरी को ‘जलमहल में दिन में पतंगबाजी, शाम को फायरवर्क्स और लालटेन उत्सव’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर सबसे पहले बताया था कि हर साल की तरह सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक जलमहल की पाल पर पतंगबाजी के कार्यक्रम के बाद शाम को पहली बार हवामहल (बड़ी चौपड़ की ओर) आतिशबाजी की जाएगी। साथ ही लालटेन उड़ाने का विशेष कार्यक्रम होगा।

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