स्वस्थ्य महिला, सुपोषित शिशु सुनिश्चित करके कुपोषण को जड़ से समाप्त करने का प्रयास : दिया कुमारी
आंगनबाड़ियों में जल्द बच्चों को हर हफ्ते 3 दिन दूध
बच्चे व गर्भवती महिलाओं के माइक्रोन्यूट्रियन्ट फोर्टिफाइड रेसिपी का ओटीपी से सत्यापन होगा
जयपुर। राजस्थान में अमृत आहार योजना के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों में छह साल तक के बच्चों को पोषण वास्ते सप्ताह में तीन दिन मीठा और गर्म दूध जल्द उपलब्ध होने लगेगा। सरकार ने एक साल पूरा होने पर इस योजना की शुरुआत की गई थी। वहीं प्रदेश की 62 हजार आंगनबाड़ियों के मार्फत छह माह से छह साल तक के 42 लाख से अधिक बच्चों, गर्भवती-धात्री महिलाओं को जो माइक्रोन्यूट्रियंट फोर्टिफाइड रेसिपियां उपलब्ध कराई जा रही है, उनके वितरण सत्यापन को जल्द ही ओटीपी सिस्टम लागू किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने महिला एवं बाल विकास विभाग में हो रहे कामों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने प्रत्येक ब्लॉक्स में एक आंनगबाड़ी केन्द्र को सर्व सुविधायुक्त आदर्श आंगनबाड़ी केन्द्र के रूप में विकसित करने की मंजूरी जारी की है।
मातृ वंदना योजना में अब तक 4.50 लाख महिलाओं लाभान्वित
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अन्तर्गत देय राशि 5000 से 6500 रूपए की गई है। दिव्यांग, गर्भवती महिला होने पर यह राशि 10,000 की गई है। योजना में 4.50 लाख महिलाओं को लाभान्वित किया जा चुका है। मातृत्व पोषण योजना के अन्तर्गत 3.32 लाख लाभार्थियों को 92.86 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत बालिकाओं के स्वास्थ्य और शैक्षणिक स्तर सुधार को जन्म पर एक लाख रुपए का संकल्प पत्र दिया जा रहा है। सात किश्तों में यह राशि दी जा रही है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं तथा शिशु पालनागृह कार्यकर्ताओं के मासिक मानदेय में 10 प्रतिशत की वृद्धि की है। यह कार्यकर्ताओं को 9581, सहायिकाओं को 5590, शिशु पालनागृह 4554 रुपए प्रतिमाह किया गया है। ग्राम पंचायतों में साथिन का मानदेय 10 प्रतिशत बढ़ाकर 5844 प्रतिमाह कर दिया गया है।
1.22 महिलाओं को हर माह 12 निशुल्क सैनेटरी नैपकिन दे रहे
उन्होंने बताया कि उड़ान योजना के अन्तर्गत 1.22 करोड़ महिलाओं एवं बालिकाओं को प्रति माह 12 नि:शुल्क सैनेटरी नैपकिन दे रहे हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना में इस वर्ष 13,821 बेटी जन्मोत्सव समारोह करके 38,759 बालिकाओं के जन्मोत्सव मनाए गए हैं। 10,723 ग्राम पंचायतों पर 1.37 लाख वृक्षारोपण किया गया है।
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