प्रदेश में रसोई गैस किल्लत : 14 लाख गैस बुकिंग पेंडिंग, रोज 3 लाख सप्लाई; 2.50 लाख नई बुकिंग

एक माह में पेंडिंग बुकिंग समाप्त होगी

प्रदेश में रसोई गैस किल्लत : 14 लाख गैस बुकिंग पेंडिंग, रोज 3 लाख सप्लाई; 2.50 लाख नई बुकिंग

ईरान युद्ध के असर के बावजूद राजस्थान में रसोई गैस संकट नहीं—आईओसीएल का दावा। 14 लाख बुकिंग पेंडिंग, पर रोज 3 लाख सिलेंडर सप्लाई से एक माह में राहत की उम्मीद। घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता, जबकि कमर्शियल सेक्टर में कटौती। पेट्रोल-डीजल पर्याप्त। संतुलित वितरण के लिए नए नियम लागू, जरूरी सेवाओं को पूरी आपूर्ति जारी।

जयपुर। अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान युद्ध के चलते रसोई गैस किल्लत और मौजूदा स्थिति को लेकर सोमवार को आईओसीएल के स्टेट हेड मनोज गुप्ता सहित तीनों गैस-तेल कंपनियों के आला अधिकारियों ने संयुक्त मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश में रसोई गैस किल्लत नहीं होने का दावा किया है। कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 14 लाख गैस बुकिंग पेंडिंग चल रही है जो बीते माह युद्ध के चलते सप्लाई गड़बड़ाने से हुई है। अभी 70 फीसदी सप्लाई अनवरत जारी है। नियमों के तहत सभी को गैस सिलेंडर पहुंच रहा है। वर्तमान में 14 लाख गैस सिलेंडर बुकिंग पेंडिंग है। रोज 3 लाख गैस सिलेंडर बुकिंग के तहत उपभोक्ताओं को सप्लाई हो रहे हैं। हालांकि 2.50 लाख नई बुकिंग रोज हो रही है। ऐसे में अधिकारियों के दावे के मुताबिक वर्तमान में पेंडिंग सभी बुकिंग आगामी 1 माह में सप्ताह होने की उम्मीद है। कहा कि प्रदेश में रोज 392 एमटी गैस सप्लाई हो रही है। कर्मशियल में पहले जहां 500 एमटी सप्लाई होती थी, उसमें जरूरी कमी हुई है। यह अभी 360 एमटी सप्लाई हो रही है। अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों को पूरी सप्लाई की जा रही है। माहवार देखा जाए तो पहले के मुकाबले केवल दो हजार एमटी गैस कम आ रही है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल का पूरा स्टॉक मौजूद है, इसमें कोई कमी नहीं है।

घरेलू को पूरी, बाकी को इतनी सप्लाई

पहले के मुकाबले इंडस्ट्रीज को ब्लक सप्लाई 40 फीसदी, होटल एंड रेस्टोरेंट को 60 फीसदी, कॉपरेटिव व प्राइवेट डेयरी को 60 फीसदी, मंदिरों और इससे जुड़े किचन को 50 फीसदी, मैरिज गॉर्डन को 50 फीसदी, धार्मिक आयोजन पर 50 फीसदी व अन्य को भी इतनी ही सप्लाई हो रही है।

ये नियम भी संतुलित सप्लाई को लागू

Read More भीषण गर्मी में वन्यजीवों को राहत: झालाना, आमागढ़ और बीड पापड़ में रोज ट्यूबवेल से भर रहे जलस्रोत; वन्यजीव गणना की तैयारियां भी तेज 

  • कर्मशियल और इंडस्ट्रीयल एलपीजी को तेल विपणन कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर्स के यहां रजिस्ट्रेशन जरूरी किया। इसके बिना आपूर्ति नहीं।
  • जहां पीएनजी गैस पाइपलाइन हैं, वहां पीएनजी कनेक्शन को रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा। तब ही उसे कर्मशियल सिलेंडर मिल सकेगा।
  • प्रवासी श्रमिको और छोटे विक्रेताओं को पांच किलो एफटीएल रिफिल दिए जा सकते हैं।

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत की हैट्रिक लगेगी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत की हैट्रिक लगेगी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन पर विपक्ष को ललकारते हुए पांच राज्यों में ऐतिहासिक जीत...
वायदा बाजार में नरमी का असर : सोना हुआ सस्ता और चांदी स्थिर, जानें क्या है भाव  
कोटा में भीषण हादसा : सिटी मॉल में लगी भीषण आग, करोड़ों का माल जलकर खाक
देश के शीर्ष हवाई अड्डों में 11वां स्थान पर जयपुर एयरपोर्ट : दिल्ली देश का सबसे बिजी एयरपोर्ट, एक साल में 4 लाख से अधिक विमानों का आगमन
ममता बनर्जी अपने निर्वाचन क्षेत्र में सक्रिय : बूथों का दौरा कर चुनाव प्रक्रिया की कर रहीं निगरानी, सड़कों पर बिताएंगी पूरा दिन
ईरान में हार से बचने के लिए अमेरिका तलाश रहा रास्ता : इस लड़ाई में आत्मसमर्पण कर देगा तेहरान, अमेरिकी विशेषज्ञ बाले- ट्रम्प जानते हैं, तनाव में और वृद्धि दुनिया को वैश्विक मंदी धकेल देगी
1 मई से 15 मई, 2026 तक स्व-गणना पोर्टल पर जाकर अपने और परिवार की जानकारी दर्ज करने का आह्वान, राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने जनगणना के लिए की सहयोग की अपील